यूपी में खत्म होंगे डिप्टी सीएम के पद?

योगी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की समन्वय बैठक लखनऊ में हुई थी। इस बैठक में संघ पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के संगठन के कई पदाधिकारियों ने शिरकत की। इस बैठक में यूपी में पहली बार लागू की गई डिप्टी सीएम की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, इस पद को खत्म करने को लेकर भी बात सामने आई है। कारण ये बताया गया कि डिप्टी सीएम पद के पास अलग से कोई अधिकार नहीं है। वे सिर्फ कैबिनेट मंत्री ही होता है। हालांकि, बैठक में इस पर कोई एक राय नहीं बन सकी थी।

वैसे इस बैठक के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों के दौर भी खूब चला। इसमें एक दलित डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी बात सामने आई। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। अफवाहों के दौर में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के समर्थकों में नाराजगी भी दिखाई दी। इस समन्वय बैठक में संघ की ओर से दत्तात्रेय होसबोले, कृष्ण गोपाल और शिवप्रकाश शामिल हुए. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा और उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन मंत्री सुनील बंसल समन्वय बैठक में मौजूद रहे।

लखनऊ के होटल आयुष्मान ग्रैंड में हुई इस समन्वय बैठक में योगी सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार में शामिल होने वाले नेताओं के नाम पर मंथन भी किया गया और आखिरी मुहर लगी थी. इसके अलावा बैठक में संगठन विस्तार और विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी चर्चा हुई.