" /> यूपी में जंगलराज : कैबिनेट मंत्री को हिस्ट्रीशीटर के गुर्गे ने सरेआम धमकाया..दौड़ाकर मारूंगा मोती सिंह को गोली !

यूपी में जंगलराज : कैबिनेट मंत्री को हिस्ट्रीशीटर के गुर्गे ने सरेआम धमकाया..दौड़ाकर मारूंगा मोती सिंह को गोली !

• धमकी का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार सकते में, गंभीर हुईं खुफिया एजेंसियां

पूर्वी यूपी के प्रतापगढ़ जिले के एक हिस्ट्रीशीटर इनामिया अपराधी के गुर्गे ने सरेआम यूपी के कैबिनेट मंत्री को दौड़ाकर गोलियों से छेद डालने की धमकी दी है। यही नहीं धमकाने का वीडियो भी वायरल करके यूपी की योगी सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। जिससे योगी सरकार सकते में आ गई है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी गंभीर हैं। वहीं सत्ताधारी भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के लचर रवैय्ये और अपराधियों के दुस्साहस पर आक्रोशित होकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

यूपी के ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) मूलतः प्रतापगढ़ जिले के निवासी और पट्टी क्षेत्र से विधायक हैं। मंत्री सिंह के ही विसक्षेत्र के आसपुर देवसरा के रहने वाले फरार हिस्ट्रीशीटर अपराधी सभापति यादव पर इस समय पुलिस ने शिकंजा कस रखा है। सभापति पर प्रतापगढ़, अमेठी व सुल्तानपुर आदि जिलों में दर्जनों संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें पुलिस को उसकी तलाश है। वहीं उसकी गैंग के कई अपराधियों को गत दिवस पुलिस जेल के अंदर भी कर चुकी है। इसकी वजह से सभापति के मन में मंत्री मोती सिंह के प्रति खुन्नस है।

सभापति की पत्नी आसपुर देवसरा की ब्लॉक प्रमुख है और सपा से भी ताल्लुक रखती है। एकतरफ प्रकरण को सपाई राजनीतिक उत्पीड़न का रंग दे रहे हैं तो वहीं सभापति के गुर्गों ने सोमवार को खुलेआम कस्बे में मंत्री यूपी सरकार के मंत्री मोती सिंह को ‘टारगेट’ किया। वीडियो में कहा कि ‘अगर सभापति का एनकाउंटर किया गया तो मोती सिंह को दौड़ाकर छेद डाला जाएगा’। ये सनसनीखेज बयान वायरल होने के बाद से ही पुलिस-प्रशासन और शासन में हड़कंप मच गया। एसपी अनुराग आर्य ने प्रकरण को संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करा दी है। जबकि विधानसभा क्षेत्र पट्टी के चारों भाजपा मंडल अध्यक्षों ने धमकाने वाले अपराधी पर रासुका लगाने के साथ चेतावनी दी है कि २४ घंटे के भीतर पुलिस कार्रवाई न होने पर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन होगा। उधर सुन्न पड़ी खुफिया एजेंसियां भी हड़बड़ा गई हैं और चौकन्नी हो चली हैं। मुख्यमंत्री योगी की टीम के वरिष्ठ मंत्री का मामला होने के चलते सरकार गंभीर है। खुफिया एजेंसियां खबरों और साक्ष्यों की तलाश में जुटीं हैं। एसपी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का निर्देश मातहतों को दिया है।