" /> यूपी में ‘भ्रष्टतंत्र’ से तंग आकर महिला अफसर ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला शव

यूपी में ‘भ्रष्टतंत्र’ से तंग आकर महिला अफसर ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला शव

● ‘बगैर काम पेमेंट’ के लिए अफसरों व ठेकेदारों के दबाव से तंग थी बलिया के मनियर टाउन एरिया की युवा अधिशासी अधिकारी।
● दिवंगत ईओ के मामा के पत्र पर डीएम ने दिए जांच के आदेश।

सनसनीखेज ‘कानपुर कांड’ ने पहले ही यूपी के भ्रष्ट पुलिस तंत्र को बेनकाब कर डाला था वहीं सोमवार की रात यूपी की एक और प्रतिभावान एवं ईमानदार युवा महिला अधिकारी ने भ्रष्ट तंत्र के दबाव से ऊबकर आत्महत्या कर ली है। ये महिला अफसर पूर्वी यूपी में बलिया जिले की मनियर नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी (ईओ) के पद पर तैनात थीं। जिनका शव मंगलवार की सुबह कमरे में फंदे से लटका पाया गया है। उन्होंने मम्मी-पापा और भाई को ‘सॉरी’ बोलते हुए ‘सुसाइड नोट’ भी लिखकर छोड़ा है। जिसमें उन्होंने अपने लिए किसी साजिश की ओर इशारा किया है। फिलहाल प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी ने गहन जांच के आदेश दे दिए हैं।

मूलतः गाजीपुर जिले के भांवरकोल निवासी मणिमंजरी राय (३०) करीब २ वर्ष पूर्व बलिया के मनियर नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी नियुक्त हुई थीं। वे जिला मुख्यालय की आवास विकास कॉलोनी में किराये पर रहती थीं और रोजाना मनियर आती जाती थीं। मंगलवार की सुबह उनका शव अपने ही घर में पंखे से फंदे में लटका हुआ मिला। कमरे की छानबीन में पुलिस को एक ‘सुसाइड नोट’ भी मिला है। पुलिस का दावा है कि यह पत्र ईओ राय का है। जिसमें सबसे पहले भाई, मम्मी-पापा को अंग्रेजी में ‘सॉरी’ अंकित है। इसके अलावा पूरा पत्र हिंदी में है। अधिशासी अधिकारी मणिमंजरी ने बीएचयू से स्नातक और परास्नातक के बाद दिल्ली से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि, ‘..बनारस-दिल्ली हर जगह खुद को संभाल कर आ गई लेकिन यहां आकर मेरे साथ बहुत छलावा हुआ।’ उनका इशारा बलिया या मनियर आने से है। जबकि.. क्या छलावा और किसने किया? यह स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा यह भी लिखा है कि ‘..मुझे यहां रणनीति के तहत बुलाकर फंसाया गया’। एक बार फिर माफी मांगी गई है। पत्र ईओ राय ने ही लिखा है या नहीं, फिलहाल इस पर अफसर मौन हैं।
◆ पिता व मामा का आरोप-बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाया ठेकेदारों व अफसरों ने !
दिवंगत ईओ के शोकसंतप्त पिता ने बेटी की मौत को हत्या करार देकर तंत्र के जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। दिवंगत राय के मामा ने तो जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में साफतौर पर अधिकारियों व ठेकेदारों पर आरोप लगाया है कि,बिना काम के वे लोग बेटी से कागजों पर दस्तखत करा पेमेंट कराना चाहते थे। अत्यधिक दबाव के चलते उसने आत्महत्या कर ली। आरोपों पर जांच शुरू होती है तो आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला प्रथमदृष्टया नजर आ रहा है। अगर सुसाइड नोट अधिशासी अधिकारी का ही है तो यह आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा लग रहा है। अधिकारी का इशारा किसकी ओर है फिलहाल इसकी जानकारी परिवार वालों को भी नहीं है। जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही ने बताया कि, आत्महत्या के मामले में भी जांच तो होनी ही है। आखिर किन परिस्थितियों में एक महिला अधिकारी को सुसाइड करना पड़ा ? इसकी जांच होगी। ‘सुसाइड नोट’ असली है या नहीं.. इसकी भी जांच की जाएगी।