ये आग कब बुझेगी?

मुंबई की झोपड़पट्टियों में अग्निकांड का सिलसिला पुराना है। खासकर पश्चिमी उपनगर स्थित बांद्रा के पूर्व में गरीब नगर और पश्चिम में लाल मिट्टी (नरगिस दत्त नगर) नामक बस्ती में करीब हर साल आग लगती है। इनमें लाल मिट्टी स्थित झोपड़पट्टी के बारे में कहा जाता है कि यहां पिछले १५ वर्षों में लगभग २० बार आग लग चुकी है। ज्यादातर बंगाली (बांग्लादेशी) मुसलमानों की आबादीवाली इस बस्ती में हर आग के बाद झोपड़ों की संख्या बढ़ जाती है। कल लगी आग में करीब ८० झोपड़े जलकर खाक हो गए, जबकि आग व धुएं के कारण प्रभावित ५ लोगों को बांद्रा-पश्चिम के भाभा अस्पताल में भर्ती किया गया है।
मुंबई की दो अलग-अलग झोपड़पट्टियों में आग लगने से १०० से ज्यादा झोपड़े जलकर खाक हो गए। आग के दौरान संकरी गलियों के कारण दमकलकर्मियों को घटनास्थल पर पहुंचने में जहां देरी हुई, वहीं आग से अपने झोपड़ों को बचाने के लिए लोग दमकलकर्मियों से पाइप छीनकर अपनी गलियों को आग से बुझाने का प्रयास करते नजर आए। इस कारण आग सही ढंग से और वक्त पर बुझ नहीं पाई।
कल बांद्रा-पश्चिम स्थित लाल मिट्टी (नरगिस दत्त नगर) तथा अंधेरी-पश्चिम स्थित आनंद नगर झोपड़पट्टी में भीषण आग लग गई। मॉनसून के दौरान झोपड़ाधारकों द्वारा छपरे पर डाली गई प्लास्टिक के कारण आग तेजी से पैâली। बांद्रा में आधा दर्जन गैस सिलिंडरों में विस्फोट, आग पैâलने की एक अन्य प्रमुख वजह रही। एक दमकलकर्मी ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां संकरी गलियों एवं स्थानीय लोगों की भीड़ के कारण उन्हें बचाव कार्यों के दौरान काफी असुविधा हुई। फिलहाल लाल मिट्टी इलाके में आग एव धुंए से प्रभावित सना शेख (३६), आशा राजेंद्र गुप्ता (४२), हुमाईरा सलाउद्दीन राइन (९), सफूद्दीन सलाउद्दीन राइन (२) तथा अजीम अंसारी (३५) को इलाज के लिए बांद्रा-पश्चिम स्थित के भाभा अस्पताल में भर्ती किया गया है।