ये क्या हुआ लेडी वीरू?

हिंदुस्थान की महिला क्रिकेट की धमाकेदार खिलाड़ी और टी-२० फॉर्मेट की कैप्टन हरमनप्रीत कौर मुश्किल में फंस गई हैं। दरअसल ये क्रिकेट को लेकर नहीं बल्कि नौकरी को लेकर और वो भी मामला फर्जी डिग्री का है। क्या सचमुच हरमनप्रीत की डिग्री फर्जी है? ये जांच का विषय है मगर कहते हैं कि जांच भी हुई, हरमनप्रीत के पिता को इस जांच में शक है, इसलिए उनका कहना है अच्छे से जांच हो क्योंकि ये गलत बात है कि डिग्री फर्जी है। हालांकि इधर डिग्री फर्जी होने की पुष्टि के बाद हरमनप्रीत कौर की पंजाब में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) की नौकरी पर तलवार लटक गई है। क्रिकेट की दुनिया में शानदार प्रदर्शन करके देश का मान बढ़ाने पर उन्हें रेलवे में नौकरी दी गई थी और उसके बाद उन्हें पंजाब पुलिस में डीएसपी की नौकरी दी गई थी, लेकिन अब उनका डिमोशन तय माना जा रहा है। उन्हें डीएसपी से सिपाही के पद पर डिमोट करने पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि हाल ही में हरमनप्रीत कौर को २०१६-१७ के सत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुना गया है। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक पंजाब सरकार अर्जुन अवॉर्डी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर से डीएसपी का पद छीनकर सिपाही लगाने की पेशकश की है। पंजाब सरकार के सूत्रों का कहना मानें तो हरमनप्रीत कौर ने सिर्फ १२वीं क्लास ही पास की है। ऐसे में उन्हें सिर्फ सिपाही का पद ही दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमने हरमनप्रीत कौर से कह दिया है कि अगर वह सिपाही पद पर रहना चाहती हैं तो हमें बता दें, लेकिन बीए पास नहीं होने की वजह से उन्हें डीएसपी का पद नहीं दिया जा सकता है। वहीं हरमनप्रीत कौर के मैनेजर का इस बारे में कहना है, ‘हमें पंजाब पुलिस की तरफ से नौकरी को लेकर कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। हरमनप्रीत की यह वही डिग्री है, जो रेलवे में नौकरी के दौरान जमा की गई थी तो यह झूठी और फर्जी कैसे हो सकती है?’ हरमनप्रीत कौर के पिता हरमिंदर सिंह ने इस जांच को गलत ठहराया था। उनका कहना था कि उनकी बेटी की डिग्री सही है। हरमनप्रीत ने इसी डिग्री के आधार पर रेलवे में नौकरी की तो अब यह डिग्री फर्जी कैसे हो सकती है। मतलब मामला उलझा हुआ है।