ये सेल्फी प्वाइंट डेंजरस है!

खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेने के चक्कर में अनेक दु:साहसीक युवक अब तक अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। इसके बावजूद युवाओं में जान जोखिम में डालकर खतरनाक जगहों से सेल्फी लेने के शौक में किसी तरह की कमी नहीं आई है। ठाणे से दिवा के बीच पांचवीं और छठी रेल लाइन बिछाने के लिए मुंब्रा खाड़ी पर निर्माणाधीन लोहे का पुल युवाओं का सेल्फी प्वाइंट बन गया है। असुरक्षित पुल पर जमा होनेवाली भीड़ से यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि खतरनाक ठिकानों पर सेल्फी लेते हुए अनेक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसी तरह का जानलेवा एवं खतरनाक सेल्फी प्वाइंट मुंब्रा-दिवा के बीच एक रेलवे का निर्माणाधीन पुल बन गया है।

मुंब्रा से दिवा रेलवे स्टेशन के बीच बन रही दो नई रेल लाइनों के लिए खाड़ी पर बनाए जा रहे लोहे के पुल पर युवक फोटो खींचने और सेल्फी लेने के लिए जमा होने लगे हैं, इनमें स्कूली विद्यार्थियों का भी समावेश है। इस निर्माणाधीन पुल पर अभी तक न तो सुरक्षा दीवार बनाई गई है और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके बावजूद युवक एवं बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल पर आते हैं और खाड़ी के दृश्य के साथ फोटोग्राफी और सेल्फी लेते हैं। यह खतरनाक नजारा सुबह और शाम के समय देखा जा सकता है। बता दें कि इसी पुल के पास ही रेलवे सुरक्षा बल की पुलिस चौकी है पर रेलवे पुलिस इस पर ध्यान नहीं देती है। लगता है किसी हादसे के बाद ही रेलवे पुलिस की कुंभकर्णी नींद टूटनेवाली है।

पुल की वर्तमान स्थिति
लोहे से खाड़ी पर बन रहा यह पुल करीब ६० से ७० फीट लंबा है और निर्माण के दौरान लगाई गई लोहे की सरिया खुली पड़ी हुई हैं। संरक्षण के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पुल के बगल में स्थित पुलिस चौकी के पुलिस कर्मचारियों को फोटोग्राफी व सेल्फी लेने के लिए जानेवाले युवाओं को रोकने की जरूरत है, अन्यथा दुर्घटना होने की संभावना है। इस तरह की मांग `जागा हो दिवेकर’ नामक संस्था के संस्थापक विजय भोईर ने रेलवे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से की है।