" /> योगी ने नदियों के पुनरोद्धार से दिया एक साथ ‘पुण्य और पैसा’ कमाने का अवसर!

योगी ने नदियों के पुनरोद्धार से दिया एक साथ ‘पुण्य और पैसा’ कमाने का अवसर!

परदेश से लौटे ग्रामीणों को मनरेगा का जॉब कार्ड देकर रोजगार दिया जाए -योगी
प्रदेश की 16 नदियों के पुनरोद्धार में लगकर कमाएंगे पुण्य और पैसा

केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि 20 अप्रैल के बाद राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत कंटेन्मेंट क्षेत्र के बाहर कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की सभी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। यही नहीं, शहरों से लौटे ग्रामीणों को मनरेगा के तहत तत्कात जॉब कार्ड भी मुहैया करवाया जाएगा, जिससे उन्हें गांव में ही काम और रोजगार मिल सकेगा। ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में कोविड-19 के कारण बड़ी संख्या में शहरों से ग्रामीण परिवारों की वापसी हुई है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य दैनिक रोजगार परक गतिविधियों में संलग्न ग्रामीण परिवारों के समक्ष भी भरण-पोषण की समस्या की संभावना उत्पन्न हुई है। शहरों से गांव वापस आया परिवार यदि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य करना चाहता है, तो उसे तत्कात जॉब कार्ड निर्गत कराया जाएगा। यही नहीं यदि शहर से लौटे किसी व्यक्ति का नाम परिवार के जॉब कार्ड में नहीं है तो उसका नाम जॉब कार्ड में जोड़े जाने की तत्काल कार्यवाही की जायगी। इसके अतिरिक्त जिन परिवारों को पूर्व में जॉब कार्ड निर्गत किया गया था, लेकिन किसी कारणवश वर्तमान में उपलब्ध नहीं है अथवा नष्ट हो गया है। ऐसे परिवारों को जॉब कार्ड की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम पंचायत में जॉब कार्ड निर्गत करते समय समाज के वंचित परिवारों जैसे मुसहर, बनटांगिया, थारू, विधवा महिलाओं एवं दिव्यांग मुखिया परिवारों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए जॉब कार्ड उपलब्ध कराकर रोजगार प्रदान किया जाएगा।

सोशल डिस्टेसिंग का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए श्रमिकों को कार्यस्थल पर कार्य-माप के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कार्य स्थल पर कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मियों द्वारा मास्क/होम मेड फेस मास्क/फेस कवर का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाएगा। कार्यस्थल पर हाथ धोने के लिए पानी एवं साबुन की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा श्रमिकों को जागरूक किया जाएगा। इस अवधि में प्रारंभ किए जानेवाले कार्यों में सिंचाई एवं जल संरक्षण तथा व्यक्तिगत लाभार्थी से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक सिंचाई कूपों का निर्माण के साथ चेकडैम एवं फार्म पांड का निर्माण किया जाएगा। वर्षा जल संरक्षण हेतु भूगर्भ जल संचयन स्ट्रक्चरों का निर्माण कार्य होगा। तालाबों की सिल्ट सफाई का कार्य किया जाएगा। सिंचाई गुलों नहरों की सफाई से संबंधित कार्य के साथ वृक्षारोपण के लिए अग्रिम मृदा कार्य किए जाएंगे। चारागाह विकास से संबंधित कार्य भी करवाए जाएंगे। प्रदेश की 16 नदियां (टेढी, मनोरमा, पाण्डु, वरूणा, ससुर खदेडी, सई, गोमती अरिल, मोरवा, मंदाकिनी, तमसा, नाद, कर्णावती, बान, सोत एवं काली पूर्वी) जो 39 जनपदों बहराइच, गोण्डा, बस्ती औरेया, कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, फतेहपुर, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, कौशाम्बी, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ, जौनपुर, लखीमपुरखीरी, सीतापुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं, बरेली, चित्रकूट, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, मीरजापुर, बिजनौर, मुरादाबाद, सम्भल, मेरठ, हापुड़, बुलन्दशहर, अलीगढ, एटा, कासगंज एवं अमरोहा में प्रवाहित होती हैं, उन नदियों को पुनरोद्धार के कार्य के लिए चयनित किया गया है।

चूंकि चयनित नदियां जनपदों की कई ग्राम पंचायतों से होकर गुजरती हैं। अतः इन परियोजनाओं पर सोशल डिस्टेंसिंग का बेहतर ढंग से प्रयोग करते हुए कार्य कराया जा सकता है। व्यक्तिगत एवं सामुदायिक भूमि सुधारों से संबंधित कार्य किया जाएगा। जल भराव से संबंधित क्षेत्रों में नालों का निर्माण एवं पुनरोद्धार का कार्य होगा। सिंचाई एवं जल संरक्षण से संबंधित अन्य विभागों जैसे लघु सिंचाई/भूगर्भ जल विभाग/वन विभाग द्वारा विभागीय कन्वर्जेंस के अन्तर्गत चयनित परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा। उपरोक्त श्रेणी के कार्यों को वरीयता दी जायगी, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा स्थाई परिसम्पत्तियों का सृजन करते हुए रोजगार उत्पन्न हो सके। स्थानीय आवश्यकतानुसार अन्य अनुमन्य कार्य जैसे – प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, शौचालय आदि के निरार्ण कार्य भी कराये जाएंगे।