" /> रखो ध्यान, वर्ना दिल हो जाएगा दगाबाज, विश्व हार्ट डे आज

रखो ध्यान, वर्ना दिल हो जाएगा दगाबाज, विश्व हार्ट डे आज

दुनियाभर में हृदय रोगियों (कॉर्डियो वैस्कुलर डिजीज) की संख्या में तेजी से बढ़ रही है। हार्ट अटैक के मामलों में अधिकांश पीड़ितों की सांसें राम भरोसे ही रहती हैं। दिल की सेहत से जुड़ी स्वास्थ्य सुझावों और हृदय संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल २९ सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। अगर दिल की बीमारी से बचना है तो जरूरी है कि आप हार्ट अटैक के कारण, लक्षण और बचाव के बारे जरूर जानें।
आजकल प्रतिस्पर्धा के कारण भागदौड़ से लोगों की दिनचर्या और खान-पान बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोग माडर्न जीवनशैली जीने के फेर में अपनी सेहत के साथ समझौता करने से बिल्कुल भी नहीं घबराते हैं। बाहर का खाना जैसे फास्ट-फूड, जंक फूड का सेवन, शराब का सेवन, अतिरिक्त वसा वाला भोजन करना। इसके साथ ही शारीरिक गतिविधियों में भाग न लेना, जरूरत से ज्यादा तनाव पालना। इन सबका सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है। और दिल की बीमारी हमें घेर लेती है।
अमूमन ४० की उम्र में होने वाले इस अटैक की गिरफ्त में अब २५-३० साल के युवा आ रहे हैं। इसमें अधिकांश मामलों में पुरुष पीड़ित हैं। कामकाज की टेंशन व हानिकारक खान-पान के कारण बहुत से लोग हार्ट के मरीज बन रहे हैं। असमय आनेवाला हार्ट अटैक इसी का नतीजा है। मोटापा, तनाव, ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक के लिए ज्यादा हावी हो रहा है। युवाओं में हार्ट अटैक में स्मोकिंग, हाइपरटेंशन आदि जिम्मेदार हैं। महिलाओं में हार्ट अटैक के कम होने का कारण उनका माहवारी होना रहता है। लेकिन माहवारी रुकने पर ऐसी महिलाओं में मोटापा बढ़ने लगता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है। जब हृदय ठीक से पंप नहीं कर पाता है तो हमें हृदय की बीमारी घेरने का खतरा बन जाता है। इसमें कोरोनरी धमनियों में ब्लाकेज हो जाता है जिसकी वजह से रक्त को ऑक्सीजन का प्रवाह होना कम हो जाता है और मनुष्य को हार्ट अटैक आ जाता है। अचानक घबराहट होना, सिर में तेज दर्द, नब्ज कमजोर होना, अचानक सांस फूलने लगना, तनाव से खून की सप्लाई में प्रेशर बढ़ना आदि हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण हैं। हार्ट अटैक आने से पहले चेतावनी के तौर पर सीने में हल्का दर्द होता है या सीने में हल्का दबाव महसूस होता है जो थोड़े बहुत आराम से सही हो जाता है। हार्ट अटैक के लक्षण हर शरीर में अलग-अलग तरीके के होते हैं। कुछ लोगों के सीने में धीमा दर्द उठता है जबकि कुछ लोगों को एकदम से तीव्र दर्द होता है। ऐसी किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो तुरंत ही मेडिकल इमरजेंसी को फोन करना चाहिए। अगर आपके पास कोई मेडिकल मदद नहीं पहुंच रही है तो किसी की मदद से तुरंत ही अस्पताल जाएं। दिल को बीमार होने से बचाने के लिए कोलेस्ट्रोल बढ़ानेवाले पदार्थों का सेवन न करें। तत्काल प्रभाव से तंबाकू के साथ धूम्रपान छोड़े। फल सब्जियों का ज्यादा सेवन करें। रोजाना आधा घंटा सैर, योग और कसरत करें।