रघुकुल रीति सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई, हमने जो-जो वचन दिए हैं उसे पूरा करेंगे – आदित्य ठाकरे

हमने अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम से एक बात सीखी है, ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई’। हमने जो-जो वचन दिए हैं, उसे पूरा करेंगे। ऐसी शिव गर्जना बुधवार को आदित्य ठाकरे ने मीरा रोड में की। ‘ठाकरे प्रताप फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित होली स्नेह मिलन के कार्यक्रम के दौरान वर्धमान पैंâटेसी मैदान (शिवार गार्डन) में हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए युवासेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमने युति की है। यह सबको मालूम है। कुछ मीडिया के लोग पूछते हैं युति कैसे की, क्यों की? उनको मैं इतना ही कहूंगा, हमारे देश के प्रधानमंत्री काशी से चुनकर आते हैं और काशी से आनेवालों का हम विरोध नहीं करते, उनके साथ खड़े रहते हैं। हमारे लिए कोई उत्तर भारतीय, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम भारतीय नहीं है। हमारे लिए सभी हिंदुस्थानी हैं। दूसरे राज्यों के वर्षों से यहां रहनेवाले लोग अच्छी, स्पष्ट मराठी बोलते हैं। आप सब हमारे और हम आपके हैं। उद्धव ठाकरे अयोध्या गए तो उन्होंने अपनी बात हिंदी में रखी थी। मैं भी अपनी बात, हिंदी, मराठी, अंग्रेजी, फ्रेंच  में रख सकता हूं क्योंकि हमारे लिए भाषा की बात नहीं है। हम दिल की बात करते हैं। होली की शुभकामनाओं के साथ उन्होंने कहा कि केसरी भगवा रंग हमारे रक्त में है, हमारे माथे पर है, इसे कभी उतरने नहीं देंगे। शिवसेना के सभी २३ सांसदों के साथ काशी और वाराणसी आने का वचन भी आदित्य ठाकरे ने उपस्थित जनसमुदाय को दिया। उनके इस वचन के बाद पूरा मैदान ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से गूंज उठा।