रफ्तार में नए रेल कॉरिडोर, १५ जून तक होगा भूमि अधिग्रहण

आचार संहिता समाप्त होते ही सभी परियोजनाओं को गति दी जा रही है। इस कड़ी में अब विरार से डहाणू के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन बिछाना और पनवेल-कर्जत के बीच नया कॉरिडोर बनाने की रफ्तार मिलनेवाली है। एमयूटीपी ३ का हिस्सा रही ये परियोजनाएं प्लानिंग स्टेज पर तैयार हैं। इन्हें साकार करने के लिए जमीन की जरूरत होगी, जो राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराई जाएगी।
सोमवार को एमयूटीपी-३ की प्रगति पर राज्य सरकार और मुंबई रेल विकास निगम (एमआरवीसी) की एक बैठक हुई। इस बैठक में एमयूटीपी की विभिन्न परियोजनाओं पर बात हुई लेकिन खासतौर पर पनवेल-कर्जत और विरार-डहाणू पर अधिक दिलचस्पी सरकार ने दिखाई। विरार-डहाणू रूट पर दो और लाइन बिछाने के लिए ४८ हेक्टेयर्स और पनवेल-कर्जत कॉरिडोर के लिए ७२ हेक्टेयर्स भूमि अधिग्रहण करना है।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट की प्रगति के दौरान एमआरवीसी से जल्दी ही जमीन दिलाने का निवेदन किया गया था। इस पर राज्य सरकार ने १५ जून तक भूमि अधिग्रहण का काम पूरा करने का आश्वासन दिया है।
ये है पनवेल-कर्जत कॉरिडोर
पनवेल से कर्जत के बीच कॉरिडोर बनाने की योजना बनी थी। फिलहाल यहां माल-गाड़ियों की आवाजाही के लिए ट्रैक बिछा हुआ है। २,७८२ करोड़ रुपए की लागतवाले इस कॉरिडोर के बनने के बाद कर्जत से सीएसएमटी आनेवालों को वाया पनवेल से २३ किमी छोटा मार्ग मिलेगा, जिससे ३५-४० मिनट की बचत होगी।
विरार-डहाणू चार लाइन
एमयूटीपी-३ के अंतर्गत ही पिछले बजट में ३,५५५ करोड़ रुपए और ६३ कि.मी. लंबे विरार-डहाणू कॉरिडोर चौहरीकरण की घोषणा की गई थी। फिलहाल इन दोनों स्टेशनों के बीच दो ट्रैक बने हुए हैं। मुंबई-अमदाबाद रेलवे रूट के इन दो महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच कुछ साल पहले ही उपनगरीय सेवाएं शुरू की गई थीं। अब उपनगरीय सेवाओं का विस्तार करना है, इसलिए दो ट्रैक और बिछाने पड़ेंगे। इससे उपनगरीय सेवाओं के अलावा लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही भी आसान होगी।
ये है एमयूटीपी ३
 विरार-डहाणू चार लाइनों का कॉरिडोर
 पनवेल-कर्जत के बीच नया उपनगरीय कॉरिडोर
 ऐरोली-कलवा लिंक
 १२ कोच की ४७ एसी लोकल
 ट्रैसपासिंग कंट्रोल (मिड सेक्शन)
कुल लागत: १०,०८५ करोड़ रुपए

अब तक कितने पैसे मिले
२०१९-२०: २८४ करोड़ रुपए
२०१८-१९: ५१९ करोड़ रुपए
२०१७-१८: ४११ करोड़ रुपए
२०१६-१७: ५ करोड़ रुपए
२०१५-१६: १ करोड़ रुपए