रसीद के लिए न रोको रसद, शिवसेना ने की मांग

बाढ़ प्रभावित परिवारों को मनपा की तरफ से राहत सामग्री का वितरण किया गया है। राहत सामग्री के वितरण में धांधली को रोकने के लिए मनपा ने टैक्स बिल लाने और राहत सामग्री ले जाने की जो नीति अपनाई थी, उसके तहत अभी तक तीन हजार परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करा दी गई है जबकि बाढ़ प्रभावितों की संख्या करीब ९ हजार है। इनमें से आधे से अधिक लोगों के घरों का टैक्स नहीं लगा है। जिसके कारण सभी को रसद दी जाए, ऐसी मांग शिवसेना ने की है। शिवसेना नगरसेवक एवं उपमहापौर रमाकांत मढ़वी तथा दिवा प्रभाग समिति अध्यक्षा एवं स्थानीय शिवसेना नगरसेविका दीपाली उमेश भगत इस सिलसिले में अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। उल्लेखनीय है कि भारी बारिश और बारवी डैम से छोड़े गए अतिरिक्त पानी की वजह से खाड़ी के किनारे बसे दिवा तथा मुंब्रा के निचले हिस्सों में भयंकर बाढ़ आ गई थी। हजारों लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था। घरों में पानी घुसने की वजह से लोगों का बड़ा नुकसान हुआ है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को मनपा की तरफ से पांच किलो गेंहू, तीन किलो चावल, एक किलो शक्कर, एक लीटर खाद्य तेल तथा एक कंबल देने की घोषणा की गई थी। घोषणा के मुताबिक मुंब्रा में पांच सौ तथा दिवा में तीन हजार परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। दिवा प्रभाग समिति अध्यक्षा दीपाली भगत ने बताया कि राहत सामग्री के वितरण में धांधली को रोकने के लिए प्रभावितों से टैक्स पावती की मांग की गई थी। बाढ़ से प्रभावित हजारों परिवार ऐसे घरों में रह रहे हैं जिनका टैक्स नहीं लगा हुआ है। इसका मतलब यह नहीं की उन्हें राहत सामग्री नहीं मिलनी चाहिए। सभी को राहत सामग्री मिले इसके लिए उप महापौर रमाकांत मढ़वी के मार्गदर्शन में मनपा अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है।