" /> रहमानिया नहीं बनेगा कोविड-19 अस्पताल : मंत्री के निर्देश पर बदला मनपा ने निर्णय

रहमानिया नहीं बनेगा कोविड-19 अस्पताल : मंत्री के निर्देश पर बदला मनपा ने निर्णय

मरीजों में खुशी का माहौल

रहमानिया को कोविड-19 अस्पताल बनाए जाने का मनपा द्वारा जो निर्णय लिया गया था, उसको रहमानिया अस्पताल में डायलिसिस करानेवाले मरीजों के भारी विरोध के चलते स्थानीय विधायक व राज्य के गृह निर्माण मंत्री डॉ. जीतेंद्र आव्हाड की पहल पर स्थगित करना पड़ा है, जिसके चलते डायलिसिस मरीजों में खुशी का माहौल है। कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते प्रशासन ने खड़ी मशीन मार्ग के समीप स्थित रहमानिया अस्पताल को कोबिड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया था। जैसे ही अन्य रोगों के इलाज के लिए भर्ती मरीजों और डायलिसिस करानेवालों को यह जानकारी मिली तो हंगामा खड़ा हो गया। मरीजों ने अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए कहा कि पहले हम लोग कालसेकर में डायलिसिस कराते थे। उसको कोविड अस्पताल बना दिया गया। 80 से अधिक लोग रहमानिया में ही डायलिसिस कराते हैं। मरीजों ने उपायुक्त महेश आहेर से मिलकर अपनी समस्या उनके सामने रखी। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने के बाद गृह निर्माण मंत्री जीतेंद्र आव्हाड ने मनपा आयुक्त विजय सिंघल से बातचीत की और रहमानिया को कोविड अस्पताल न बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद मनपा ने यह निर्णय स्थगित कर दिया। कार्यकारी अभियंता धनंजय गोसावी ने अस्पताल जाकर जैसे ही यह जानकारी दी, मरीजों में खुशी की लहर दौड़ गई। गृह निर्माण मंत्री आव्हाड ने शुक्रवार को मुंब्रा का दौरा किया और कालसेकर हास्पिटल की नई इमारत का सर्वे किया औऱ प्रबंधन को बेड, ऑक्सीजन तथा वेंटिलेटर बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि  मुंब्रा-कौसा परिसर के मरीजों का सही तरीके से उपचार हो सके। इस दौरान नगरसेवक अशरफ पठान व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।