राख में मिला राखी का सपना

बारबालाओं की तरह राखी (नाम बदला हुआ) का भी एक सपना था। उस सपने को पूरा करने के लिए वह बारबाला का काम कर अपना सपना पूरा कर भी लेती लेकिन एक गैंगस्टर की काली नजर ने राखी का सपना राख में मिला दिया। हो न हो, बारबालाओं की बदकिस्मती अक्सर उनके साथ चलती है। ख्यातिप्राप्त डांसबारों में सबसे खूबसूरत और सबसे बढ़िया अदाओं के साथ डांस करनेवाली बारबालाएं अक्सर अंडरवर्ल्ड के गैंगस्टरों के निशाने पर रहती हैं। अंधेरी के कुर्ला रोड पर अमिता बार में काम करनेवाली राखी भी गैंगस्टरों के निशाने पर आने से बच नहीं पाई। इसका अंत यह हुआ कि जो होटल मालिक उसे सबसे ज्यादा चाहता था और उसके साथ घर बसाने का सपना सजोए था, वही गैंगस्टर की गोली का शिकार हो गया और राखी फिर रह गई अकेली, अपने उस सपनों की याद में।
अंधेरी-पूर्व चकाला स्थित अमिता डांस बार उन दिनों पश्चिम उपनगर में खूबसूरत बारबालाओं के लिए जाना जाता था, जहां राखी सहित कई बारबालाएं ग्राहकों को आकर्षित करती थीं। उस होटल को अजय शेट्टी चलाता था। सूत्रों की मानें तो अजय राखी को अन्य लड़कियों से ज्यादा मानता था। उसी होटल में अक्सर छोटा राजन का साइको गैगंस्टर डी. के. राव भी अपने पंटरों के साथ बैठता था। छोटा राजन के गैंग का होने के कारण यह गिरोह हद से ज्यादा मस्ती करता था। राखी के चक्कर में होटल के भीतर ही अजय शेट्टी ने डी. के. राव की बेइज्जती कर दी और राखी से दूर रहने की हिदायत दे डाली। यही बात डी. के. को हजम नहीं हुई और कुछ दिन बाद डी. के. राव ने अमिता बार के मालिक अजय शेट्टी की गुरु नानक पेट्रोल पंप के सामने गोली मारकर हत्या कर दी। यह सिर्फ राखी ही नहीं अन्य बारबालाओं की भी बदकिस्मती है, जो अंडरवर्ल्ड के गैंगस्टरों से मिलकर या तो खत्म हो गर्इं या उस गैंग को ही खत्म कर दिया।