राजस्थान में बारिश का तांडव, अब तक २२ की मौत  कई छोटे बांध और सड़कें टूटीं

लंबे समय तक बेरुखी के बाद राजस्थान पर मेहरबान हुआ मॉनसून करीब दो दर्जन लोगों पर भारी पड़ गया। बारिशजनित हादसों में प्रदेशभर में अब तक २२ लोग अकाल मौत के शिकार हो गए। ज्यादा बारिशवाले क्षेत्रों में कई बांध टूट गए। मौसम विभाग ने पहले प्रदेश में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई थी लेकिन २४ जुलाई से अब तक सामान्य से १० फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में मॉनसून का यह दौर ३१ जुलाई तक सक्रिय रहने की संभावना जताई है।
इस बार मॉनसून प्रदेश में लगभग एक महीने की देरी से पूरी तरह से सक्रिय हुआ लेकिन जब सक्रिय हुआ तो लोगों की सांसें फुला दी। राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार वर्षा जनित हादसों से २२ लोगों की मौत हो गई। इनमें सीकर और जयपुर जिलों में सबसे ज्यादा ६-६ लोग मारे गए हैं, वहीं पाली में ४, झुंझुनू में ३, बूंदी, भीलवाड़ा और जोधपुर में भी एक-एक व्यक्ति वर्षाजनित दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा बैठे हैं। यह आंकड़ा ज्यादा भी हो सकता है। प्रदेश में अभी तक सामान्य से १० प्रतिशत तक ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें सीकर और झुंझुनू जिलों में तो सामान्य से दोगुनी बारिश हुई है। राजधानी जयपुर के साथ दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। बारिश के कारण सीकर, कोटा और बूंदी में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे, जिससे लोगों का काफी नुकसान हुआ है। वहीं भारी बारिश के कारण काफी स्थानों पर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गर्इं। ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में छोटे बांध पानी को रोकने में नाकाम रहे। वे पानी का दबाव बढ़ते ही टूट गए। जयपुर के पास चाकसू में एक रात की बारिश से ही रावता सहित तीन बांध टूट गए। बस्सी में भी एक बांध टूट गया इससे किसानों की खरीफ की फसल बर्बाद हो गई।