राज्यसभा चुनाव: ६ सीटों के लिए ७ उम्मीदवार कांग्रेस-राकांपा उम्मीदवारों को खतरा

महाराष्ट्र से राज्यसभा की छह सीटों के लिए सात लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा प्रत्येक ने एक-एक उम्मीदवार दिया है जबकि भाजपा ने तीन उम्मीदवारों के बजाय चार लोगों को खड़ा किया है। चौथे उम्मीदवार के रूप में महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर को उम्मीदवारी दी है। राज्यसभा की छह सीटों के लिए विधानसभा के सदस्य मतदान करनेवाले हैं। प्रत्येक उम्मीदवार की विजय के लिए ४२ मतों की आवश्यकता होगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पतंगराव कदम के आकस्मिक निधन और‍ नितेश राणे, कालीदास कोलंबकर के कांग्रेस उम्मीदवार को मतदान करने की संभावना कम है। इसके बाद कांग्रेस के पास ३९ मत हैं इसलिए कांग्रेस उम्मीदवार कुमार केतकर को ३ मत की आवश्यकता होगी।
इसी प्रकार विधानसभा में राकांपा के ४१ सदस्य हैं। राकांपा की उम्मीदवार वंदना चव्हाण हैं। राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और बागी विधायक रमेश कदम दोनों जेल में हैं। भुजबल का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण राज्यसभा के लिए मतदान करेंगे, इसे लेकर शंका है। इसी प्रकार राकांपा उम्मीदवार को भी तीन मत की व्यवस्था करनी होगी।
शिवसेना के विधानसभा में ६३ सदस्य हैं। शिवसेना के एकमात्र उम्मीदवार अनिल देसाई हैं। शिवसेना उम्मीदवार अनिल देसाई को ४२ मत की आवश्यकता है, उनकी विजय तय मानी जा रही है। शिवसेना के पास २१ अतिरिक्त मत हैं।
विधानसभा में भाजपा के १२२ सदस्य हैं। भाजपा के प्रकाश जावेडकर, नारायण राणे, वी. मुरलीधरन की विजय सहज है परंतु भाजपा को चौथा उम्मीदवार विजया रहाटकर के लिए अतिरिक्त मतों की व्यवस्था करनी पड़ेगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख १५ मार्च है। अगर भाजपा उम्मीदवार विजया रहाटकर ने नामांकन वापस ले लिया तो राज्यसभा का चुनाव निर्विरोध हो जाएगा परंतु इसकी संभावना कम दिखाई दे रही है क्योंकि किसी भी हालत में भाजपा को राज्यसभा के सदस्यों की संख्या बढ़ानी है।
विधानसभा में कदम को श्रद्धांजलि
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र और देश की राजनीति में स्वतंत्र पहचान बनाने और शिक्षा क्षेत्र में अतुलनीय काम कर अपना कर्तृत्व निर्माण करनेवाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधानसभा सदस्य पतंगराव कदम की आकस्मिक मौत ने वाक पटु और कार्यसम्रट जैसा संगम जैसा नेता महाराष्ट्र ने खो दिया है, ऐसी भावना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त करते हुए विधानसभा में शोक प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री के शोक प्रस्ताव का विधानसभा विपक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने समर्थन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।