" /> राज्य उत्पादन शुल्क के 2,200 कर्मचारियों ने जुटाए 1 करोड़ रुपए : मुख्यमंत्री राहत कोष को किया सुपुर्द

राज्य उत्पादन शुल्क के 2,200 कर्मचारियों ने जुटाए 1 करोड़ रुपए : मुख्यमंत्री राहत कोष को किया सुपुर्द

इस समय पूरी दुनिया मे कोविड-19 के जानलेवा प्रकोप से हाहाकार मचा हुआ है। लाखों लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं, जबकि भारत में केंद्र और राज्य सरकारें इसका डटकर मुकाबला कर रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना की महामारी से निपटने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें अपनी पूरी कोशिश में जुटी हैं। इस संकट की घड़ी में हर कोई अपने स्तर पर अपनी मदद का हाथ बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में राज्य उत्पादन शुल्क ने भी राज्य सरकार को मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया है, जिसकी काफी सराहना की जा रही है। दरअसल, कोरोना को हराने के लिए राज्य उत्पादन शुल्क के 2,200 कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने वेतन में से 1 करोड़ रुपए की धनराशि इकट्ठा कर मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किया है। आपको बता दें कि आज हर कोई इस बात पर ध्यान दे रहा है कि अपनी तनख्वाह में कोई कटौती न हो। लेकिन जिस तरह राज्य उत्पादन शुल्क के कर्मचारियों ने अपने वेतन में से 1 करोड़ रुपए इकट्ठा कर मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को दिया है, उसकी हर तरफ सराहना की जा रही है। इन लोगों ने करोना को हराने के लिए जिस तरह अपना जोश और जज्बा दिखाया है, उससे ये साफ है कि कोविड-19 से जारी इस जंग में भारत की जीत निश्चित ही होगी। इस सराहनीय कार्य के मुंबई पुलिस अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त शहाजी उमाप के बड़े भाई राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के प्रमुख अधिकारी कांतिलाल उमाप ने सराहनीय भूमिका अदा की है व उनके ही हाथों उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उक्त धनराशि सौंपी गई है, जिसकी लोग सराहना कर रहे हैं।