राज्य के बजट एक्सप्रेस से बढ़ेगी मुंबई की रफ्तार

राज्य सरकार की बजट एक्सप्रेस ने मुंबई की रफ्तार को बढ़ाने पर जोर दिया है। इससे आगामी कुछ वर्षों में शहर से उपनगर का सफर और मुंबई से बाहर का सफर बिना ट्रैफिक और सिग्नल के झंझटों से आसामी से तय कर सकेंगे। रफ्तार बढ़ानेवाली परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार ने अपनी तिजोरी खोल दी है। जिन परियोजनाओं से मुंबई की रफ्तार बढ़ेगी उनमें बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक, सायन-पनवेल खाड़ी तीन पुल, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर बायपास आदि का समावेश है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे बायपास
मुंबई-पुणे की दूरी कम करने के लिए घाट सेक्शन में २० किमी का बायपास बनाया जा रहा है। इस बायपास के निर्माण में ६,६९५ करोड़ रुपए खर्च होंगे। २० किमी के इस बायपास पर ११ किमी की सुरंग होगी। इस मार्ग पर १.६ किमी का पुल होगा। खालापुर और कुसगांव की दिशा में आठ लेन की सड़क होगी। इस बायपास के बनने से मुंबई-पुणे का सफर आधा घंटा और कम हो जाएगा। इस बायपास से मुंबईकर पुणे का सफर करीब ढाई घंटे में बिना ट्रैफिक के तय कर सकेंगे।
वरली से वर्सोवा १५ मिनट में
मुंबईकरों को जल्द ही दूसरा सी-लिंक मिलनेवाला है। बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक निर्माण को सरकार ने कल अपने बजट में गति दी है। पांच वर्षों में तैयार होनेवाले सी-लिंक पर करीब ११,३३२ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ९.९६ किमी का बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक बनने से वरली से वर्सोवा का सफर बिना सिग्नल के १५ मिनट में मुंबईकर तय कर सकेंगे।
सायन-पनवेल खाड़ी तीन पुल से ट्रैफिक होगी कम
वर्तमान में सायन-पनवेल खाड़ी पुल पर सबेरे और शाम के समय ट्रैफिक जाम रहता है। इसके चलते पुल को पार करने के लिए करीब आधा से एक घंटे का समय लग जाता है। वर्तमान में सायन-पनवेल महामार्ग पर दो पुल हैं जिसमें से एक जर्जर होने के कारण उसे बंद कर दिया गया है। वाहनों की आवाजाही का मार दूसरे पुल पर ज्यादा बढ़ गया है। इसे देखते हुए सायन-पनवेल खाड़ी पर तीसरे पुल का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए बजट में ७७५ करोड़ ५९ लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।