" /> राज्य में अब तक १ लाख ४ हजार मामले दर्ज पुलिस पर हमले की २१२ घटनाएं, ७५० लोग गिरफ्तार -गृहमंत्री अनिल देशमुख

राज्य में अब तक १ लाख ४ हजार मामले दर्ज पुलिस पर हमले की २१२ घटनाएं, ७५० लोग गिरफ्तार -गृहमंत्री अनिल देशमुख

राज्य में लॉक डाऊन शुरू होने से अब तक कोविड संदर्भ के १ लाख ४ हजार मामलेन दर्ज किए गए हैं। वहीं पुलिसों पर हमले की २१२ घटनाएं घटी है, जिसमें ७५० लोगों को गिरफ्तार किया गया है, यह जानकारी गृहमंत्री अनिल देशमुख ने दी।

राज्य में लॉक डाउन यानि दिनांक २२ मार्च से ११ मई की इस अवधि में धारा १८८ के अनुसार  १,०४,४४९ मामले दर्ज़ हुए है और १९,८३८ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। विविध मामलों में ३ करोड़ ९७ लाख ८७ हजार ६४४ रुपए जुर्माना (दंड) वसूला गया है। पुलिस विभाग का  १०० यह नंबर सभी जिलों में २४ घंटे कार्यरत रहता है। लॉक डाउन के दिनों में इस १०० नंबर पर बड़े पैमाने पर कॉल आए, ८९,७३८ फोन कॉल आए, उन सभी कॉल्स की योग्य दखल ली गई। साथ ही राज्यभर में पुलिसों ने जिनके हाथ पर क्वारेंटाइन की मुहर  (शिक्का) है,  ऐसे ६६७ लोगों को ढूंढकर उन्हें विलगीकरण कक्ष में भेजा गया है। राज्य में कुल २,६३,४९३ व्यक्ति  क्वारेंटाइन है, ऐसा देशमुख ने कहा। इसके अलावा अत्यावश्यक सेवा के लिए अब तक पुलिस विभाग की ओर से ३,३९,६४० पास दिए गए है। लॉक डाउन की अवधि में अवैध यातायात करनेवाले १२९१ वाहनों पर मामला दर्ज किया गया है और ५६,४७३ वाहनें जब्त किए गए है। साथ ही विदेशी नागरिकों की ओर से वीजा उल्लंघन के १५ मामले राज्यभर में दर्ज किए गए है।

पुलिस के लिए विशेष कोरोना कक्ष

कोरोना विषाणू का प्रकोप रोकने के लिए चल रहे प्रयासों में दुर्भाग्य से मुंबई के ४, पुणे १, और सोलापुर शहर १, नासिक ग्रामीण १ ऐसे ७ पुलिस जवानों को अपनी जान गवानी पड़ी। राज्य में ९० पुलिस अधिकारी और ७२९ पुलिस कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले है और उन पर उपचार चल रहा है। अगर पुलिस में कोरोना संदर्भ में कुछ भी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उन पर उपचार हो, इसके लिए राज्य में सर्वत्र नियंत्रण कक्ष भी स्थापन किए गए है। राज्य में कुल ४०१९ हजार रिलिफ कैम्प है, वहीं करीबन ३,८८,९४४ लोगों की व्यवस्था की गई है। कोरोना का मुकाबला करने के लिए अपना पुलिस दल, स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टर्स, नर्सेस दिन-रात मेहनत कर रहे है। इस बात को सभी ने समझना चाहिए, इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इस ओर ध्यान देना चाहिए। लॉक डाउन के दिनों में सभी नियमों का पालन कर कोरोना से मुकाबला करने के लिए सभी सहयोग करें। कोरोना के खिलाफ़ की लड़ाई में राज्य के प्रत्येक नागरिक का सहभाग अपेक्षित है। लॉक डाउन में थोड़ी सी शिथिलता मिली, यानि लॉक डाउन खत्म हो गया, ऐसे बिलकुल भी नहीं है, बल्कि आगे सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करने की बड़ी जिम्मेदारी हम सभी पर है। इसलिए सभी ने नियमों का पालन कर सहयोग करने का आवाहन गृहमंत्री ने किया है।