" /> राज्य में उत्पन्न हो रहा है प्रतिदिन 15 टन कोविड कचरा

राज्य में उत्पन्न हो रहा है प्रतिदिन 15 टन कोविड कचरा

कोरोना संसर्ग को टालने के लिए नागरिकों में मास्क, ग्लब्स, सेनिटाइजर का उपयोग भारी पैमाने पर बढ़ा है, जिसके कारण राज्य में प्रतिदिन 15 टन कोविड कचरा जमा हो रहा है। अप्रैल की तुलना में मई महीने में कोविड कचरे में दोगुना बढ़ोत्तरी हुई है। इन कचरों पर प्रक्रिया करने के संदर्भ के कई प्रकार के मार्गदर्शन के अधीन रहकर प्रक्रिया करनी पड़ती है। रोगियों की जिस प्रकार से संख्या बढ़ रही है। उसी प्रकार से कोविड कचरा बढ़ रहा है। अप्रैल के पहले सप्ताह से कोविड कचरा दो दिन में दोगुना हो गया था। यानी तीन टन तक पहुंच गया था। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में यह बढ़कर सात टन तक पहुंच गया था। मई महीने में दोगुने से अधिक होकर 14.58 तक पहुंच गया और इस पर प्रक्रिया की गई। यह जानकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. अमर सुपाते ने दी।
कोरोना प्रभावितों पर उपचार के दरमियान निर्माण होनेवाले कचरे और आइसोलेशन आदि से उपन्न होनेवाले कोविड कचरा की प्रक्रिया करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने स्वतंत्र नियमावली 20 मार्च को जारी की थी। उसके अनुसार स्वतंत्र रूप से भस्मीकरण द्वारा इन कचरों का खात्मा किया जाता है। कोविड कचरे का खात्मा करने के लिए राज्य में 30 जगहों पर सुविधाए उपलब्ध हैं।