राणे गिड़गिड़ाए, मेरे बेटे को बचाओ

कहते हैं जो किसी से नहीं हारता है, वह अपने पुत्र की करतूत से हारता है। अपने जिद्दी व दबंग स्वभाव के लिए विख्यात पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को अपने बेटे नितेश राणे की गलती के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी। अब यह स्थिति आ गई है कि अपने बेटे नितेश राणे को बचाने के लिए नारायण राणे को ‘गिड़गिड़ाना’ पड़ रहा है। राणे के ‘गिड़गिड़ाने’ के बाद भी कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। गौरतलब हो कि कांग्रेस विधायक व नारायण राणे के पुत्र नितेश राणे ने पिछले दिनों सार्वजनिक निर्माण विभाग के उप अभियंता प्रकाश शेडेकर की अपने समर्थकों के साथ पिटाई कर दी थी। इसके अलावा उनके शरीर पर कीचड़ फेंके व पुल में बांधने आदि आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। उक्त घटना में पुलिस ने नितेश राणे सहित उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में सार्वजनिक निर्माण मंत्री चंद्रकांत दादा पाटील कल पुणे स्थित प्रकाश शेडेकर के निवासस्थान पर जाकर उनके परिवारवालों से मुलाकात की। इस मौके पर पाटील ने कहा कि शेडेकर के साथ हुई उक्त घटना के बाद पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया था कि नितेश राणे व उसके समर्थकों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करो। सार्वजनिक निर्माण मंत्री पाटील ने आगे बताया कि सांसद नारायण राणे ने मुझे फोन किया था और बार-बार अनुरोध किया कि मेरे पुत्र को बचा लो परंतु मैंने कोई भी मदद करने से इंकार कर दिया। नितेश राणे की घटना के बाद शेडेकर के मां की आंखों से ‘आंसू’ रुक नहीं रहें हैं। अपनी वेदना को शेडेकर के माता-पिता व पत्नी ने अपनी वेदना मंत्री चंद्रकांत पाटील के समक्ष व्यक्त की। उक्त लोगों ने पाटील से कहा कि ईमानदारी से काम करने का यह दंड है। बता दें कि प्रकाश शेडेकर मूलरूप से कोल्हापुर जिले के निवासी हैं और चंद्रकांत पाटील भी कोल्हापुर जिले के हैं।