राम, अल्लाह और इंकलाब, लोकसभा में शपथ पर संग्राम

१७वीं लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथग्रहण के दौरान ही यह रंग दिख गया कि अगले पांच साल तक सदन का माहौल वैâसा रहनेवाला है। ऐसा पहली बार देखा गया कि सदस्यों की शपथ विधि के दौरान ही सदन में संग्राम शुरू हो जाए। राम, राधे, अल्लाह, इंकलाब, भीम जैसे शब्द सदन में गूंज उठे। और ये शब्द प्यार से नहीं बल्कि एक दूसरे की फिरकी लेनेवाले अंदाज में गूंजे।
शपथ विधि के दूसरे दिन कल मंगलवार को नवनिर्वाचित सासंदों के साथ हैदराबाद से चुने गए सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी शपथ ली। ओवैसी जब शपथ लेने जा रहे थे तो इस दौरान कुछ सांसदों ने ‘जय श्रीराम’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए। इस पर ओवैसी ने हाथ से इशारा करते हुए और तेज नारे लगाने को कहा। शपथ लेने के बाद ओवैसी ने जवाब में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगा दिया। बाद में शपथ के दौरान लगे ‘जय श्रीराम’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों को लेकर ओवैसी ने कहा कि यह अच्छा है कि मुझे देखकर उन लोगों को यह सब याद आ जाता है। उम्मीद है कि वे संविधान और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत भी याद करेंगे। ओवैसी हैदराबाद से लगातार चौथी बार सांसद चुने गए हैं। उन्होंने उर्दू में शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने जय भीम, अल्लाह-हू-अकबर और जय हिंद के नारे लगाए।

१७वीं लोकसभा में सदस्यों के बीच नारों को लेकर काफी घमासान होनेवाला है। इसका नजारा कल दिख गया जब सदन में शपथ विधि के दौरान ‘जय श्रीराम’ से लेकर ‘अल्लाह-हू-अकबर’ तक के नारे लगाकर शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश की गई। ओवैसी को देखकर ‘जय श्रीराम’ के नार लगे जिसके जवाब में ओवैसी ने ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगाया। उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने कल संस्कृत में शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। इसी दौरान संसद में मौजूद कुछ सांसदों ने ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’ के नारे भी लगा दिए। आप के सांसद भगवंत मान ने शपथ लेने के बाद बड़े ही अंदाज में अपना हाथ ऊपर हवा में लहराकर ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा लगाया।
समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने ‘वंदे मातरम’ कहने से साफ इनकार कर दिया। बर्क जब शपथ लेने के लिए उठे तो सदन में ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए गए। शपथ ग्रहण के बाद बर्क ने नारा लगाया, ‘भारत का संविधान जिंदाबाद’। उन्होंने आगे कहा कि वह ‘वंदे मातरम’ नहीं कहेंगे। संभल के सांसद बर्क ने कहा, ‘जहां तक वंदे मातरम का ताल्लुक है, यह इस्लाम के खिलाफ है। हम इसे नहीं कह सकते हैं।’ इस दौरान सांसदों ने जोर-जोर से ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। कुछ सासंदों ने बर्क का खुलकर विरोध भी किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि धरती मां मेरी है और धरती मां से बड़ा कौन है। अगर कोई धरती मां से बड़ा हो तो बताओ।’ कृष्ण नगरी मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने शपथ लेने के बाद ‘राधे राधे, कृष्णा वंदे जगत गुरु’ का जयघोष किया। इसके पूर्व भोपाल से सांसद चुनी गई साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की शपथ तीसरे प्रयास में जाकर पूरी हुई। पहली बार साध्वी ने अपने नाम के साथ अपने गुरु का नाम भी जोड़ लिया जिससे विपक्ष की बेंच से जोरदार विरोध हुआ। दूसरी बार भी शोर-शराबा हुआ। तीसरी बार जाकर प्रज्ञा की शपथ पूरी हो पाई।
१७वीं लोकसभा में लोगों ने हिंदी व अंग्रेजी के अलावा संस्कृत में भी शपथ ली। गोपाल ठाकुर ने मैथिली में शपथ ली। कुछ सदस्यों ने भोजपुरी में शपथ लेने की कोशिश की पर उन्हें बताया गया कि भोजपुरी अभी आठवीं सूची में शामिल नहीं है वे इसलिए वे भोजपुरी में शपथ नहीं ले सकते।