राम के नाम पर कितने चुनाव?, उद्धव ठाकरे का चला भाजपा का हंटर

अच्छे दिन, यह जुमला था। हर एक के खाते में १५ लाख रुपए जमा होंगे, यह भी अगर जुमला था तो फिर राम मंदिर भी चुनावी जुमला था क्या? ऐसा सवाल करते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर जोरदार हंटर चलाते हुए कहा कि राम के नाम पर तुम और कितने चुनाव जीतोगे?
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों का ‘न्यूज रूम लाइव’ नामक दिवाली अंक का विमोचन और मनपा मुख्यालय के नूतनीकरण किए गए पत्रकार कक्ष का उद्घाटन कल उद्धव ठाकरे के हाथों हुआ। इस दौरान उन्होंने उक्त बातें करते हुए कहा कि कई वर्ष बीत गए, चुनाव आया कि राम मंदिर का मुद्दा गूंज उठता है, बाद में यह विषय पीछे रह जाता है लेकिन यही विषय लेकर मैं अयोध्या जा रहा हूं। जिनकी श्रीराम पर श्रद्धा और भक्ति है, वे सभी राम मंदिर के लिए एक साथ आएं, ऐसा आह्वान भी उद्धव ठाकरे ने किया।
उसकी कमीज मेरी कमीज से सफेद कैसी?
टिप्पणी करनेवाले टिप्पणी करते हैं। अयोध्या का विषय अभी ही क्यों उठाया, चुनाव आने पर ही राम मंदिर याद आ रहा है क्या? ऐसा भी पूछते हैं लेकिन हिंदुओं ‘भला उसकी कमीज मेरी कमीज से ज्यादा सफेद वैâसी’ ऐसा विचार न करते हुए एक साथ आएं, इन शब्दों में राम मंदिर पर राजनीति करनेवालों पर उद्धव ठाकरे ने जमकर कटाक्ष किया।
राम मंदिर का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है और मुझे पता है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए हम कानून से बाहर जाकर कुछ भी नहीं करेंगे, इसलिए पहले ये सभी अनुमति हासिल कर और सभी बातों का निरीक्षण कर अंतिम कार्यक्रम की घोषणा करूंगा, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा।
पहले राम राम… फिर आराम!
अभी तक २०-२५ वर्ष हो चुके हैं। चुनाव के समय ही राम मंदिर का मुद्दा गरमाता है। इसके बाद उसका कुछ अता-पता नहीं रहता। ‘पहले राम राम… फिर आराम’ ऐसा चल रहा है, ऐसा जोरदार कटाक्ष करते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब भी चुनाव के समय यह मुद्दा आएगा। अब साढ़े चार वर्ष बीत चुके हैं, केवल ५ महीने ही बचे हैं। अभी तुम राम मंदिर नहीं बना सकते तो दोबारा सरकार में आने के बाद क्या करोगे? ऐसा जोरदार सवाल उद्धव ठाकरे ने किया।