" /> राम जन्मभूमि की रामकोट की परिक्रमा स्थगित

राम जन्मभूमि की रामकोट की परिक्रमा स्थगित

अयोध्या की पौराणिक प्राचीन रामजन्मभूमि की रामकोट की परिक्रमा को कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए यह निर्णय बीजेपी के फायर ब्रांड नेता पूर्व राजयसभा सांसद विनय कटियार के निवास पर आयोजित साधु संताें की बैठक में लिया गया है। अयोध्या के साधु संत व गृहस्थ वर्षों  से हिन्दू नववर्ष की पूर्व संध्या पर राम जन्मभूमि रामकोट की परिक्रमा करते आये हैं।  यह एक धार्मिक परम्परा की परिक्रमा मानी जाती है।  जिसमें देश के अन्य हिस्सों से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच कर रामलला राम जन्मभूमि क्षेत्र की परिक्रमा करते हैं। इस बार यह परिक्रमा नवसंवत्सर की पूर्व संध्या 24 मार्च को आयोजित होनी थी। जिसकी तैयारी भी पूरी कर ली गई थी लेकिन कल जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के नाम कोरोना वायरस से बचने को लेकर सन्देश आया तो संतों ने आज विनय कटियार के निवास पर आपात बैठक आयोजित किया। जिसमें सर्व सम्मत से निर्णय लिया गया की पीएम नरेंद्र मोदी के आवाहन और कोरोना वायरस के संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सदियों से चली आ रही राम कोट की परिक्रमा को इस वर्ष स्थगित किया जाता है।

विक्रमादित्य महोत्सव समिति रामकोट परिक्रमा के आयोजक राम बल्ल्भा कुञ्ज के महंत राजकुमार दास ने कहा  कि राम जन्मभूमि रामलला की रामकोट की परिक्रमा में भीड़ होती है।  हमारा धर्म, कहता है की किसी को कोई कष्ट नहीं हो।  इसको देखते हुए अति प्राचीन पौराणिक धार्मिक रामकोट की परिक्रमा को स्थगित की  जाती है। अयोध्या के संत चाहते हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़े नहीं।  इसके लिए श्रद्धालुओं से अपील है की वह अपने घरों में रह कर पूजा पाठ करें। घर से बाहर नहीं निकले। वह अपने घर से ही राम जन्मोत्सव को मनाये।  वह इस बात को महसूस करे की वह अयोध्या में है उनको उतना ही पुण्य प्राप्त होगा। धर्म में संकल्प शक्ति का बड़ा महत्त्व है। वह संकल्प करे की वह अयोध्या में है। आने की जरुरत नहीं।  पुण्य लाभ की प्राप्ति होगी। अयोध्या में भीड़ इकठ्ठा करने की जरुरत नहीं है। अयोध्या में निवास कर रहे साधु संत राम जन्मोत्सव मनाएंगे।