राम मंदिर जल्द बनना चाहिए!- उद्धव ठाकरे

शिवसेना-भाजपा का उद्देश्य एक ही
जिस मुद्दे पर युति हुई, पिछले २५-३० वर्षों तक युति बनी रही, वो मुद्दा है राम मंदिर का। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि अविवादित जमीन न्यास को दी गई है। मंदिर जल्द से जल्द बनना ही चाहिए क्योंकि वह अपने देश की पहचान है। देश में शासन वैâसे चल रहा है, तो राम राज्य है और राम राज्य कहें तो राम मंदिर बनना ही चाहिए, ये शिवसेना की मांग है। ऐसा शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा। शिवसेना-भाजपा की युति की घोषणा होने के बाद उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान उक्त बातें कहीं।
शिवसेना-भाजपा का ध्येय, नीतियां और उद्देश्य एक ही है। ऐसी परिस्थितियों में सिर्फ शिवसेना-भाजपा को हराने के लिए कुछ अविचारी लोग एकजुट होते होंगे तो समविचारी दलों का एकजुट होना योग्य होता है। विगत ५० वर्षों से जिनके विरोध में ल़ड़े, पुन: उनके हाथ में सत्ता सौंपी जाए क्या? इसका परिणाम देश और राज्य को भुगतने दें क्या? ऐसा न हो इसलिए युति के लिए कदम आगे बढ़ा रहे हैं, ऐसा शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा। शिवसेना-भाजपा युति की घोषणा होने के बाद उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान उक्त बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि शिवसेना-भाजपा को हराने के उद्देश्य से समविचारी नहीं बल्कि अविचारी लोग एकजुट होते होंगे तो समविचारी लोगों का एक साथ आना मुझे हमेशा पसंद आएगा। इसलिए हम एक कदम आगे बढ़ा रहे हैं। शिवसेना-भाजपा एक बार फिर एक मन से एकजुट हुई है तो इससे यह देश और महाराष्ट्र दुनिया में एक मजबूत राज्य और एक मजबूत देश के रूप में उदित होंगे। तमाम हिंदू इस क्षण का इंतजार कर रहा था। हिंदू मन आज आनंदित होगा।
दोनों दल मजबूती से लड़ेंगे
लोकसभा में सीटों का बंटवारा हो गया है। २३-२५ सीटें कौन सी हैं, इसकी घोषणा हम जल्द ही करेंगे। लोकसभा के बाद तीन-चार महीने में विधानसभा चुनाव होंगे। विधानसभा में मित्रदल साथ आएं तो उन्हें सीटें बांटने के बाद शिवसेना-भाजपा युति में सीटों का बंटवारा एक समान होगा। पहले जो भी फॉर्मूला था, उसमें क्या था, यह आप जानते हैं। लेकिन अब दोनों दल एकजुट होकर लड़ेंगे, ऐसा विश्वास उद्धव ठाकरे ने व्यक्त किया।
महाराष्ट्र में सिर उठाकर घूमेंगे
चुनाव आते-जाते हैं। युति के मामले में कहेंगे तो सामान्यत: तीस वर्षों का शिवसेना-भाजपा का नाता जगजाहिर है। २५ साल हमारी युति मजबूत थी। ५ साल सभी के लिए एक भ्रम की स्थिति थी। युति है कि नहीं? मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्गदर्शक के रूप में आपसे लड़ रहे थे लेकिन वैसा नहीं है। मार्गदर्शक के रूप में मैं आपको कुछ बातें कहता था। आप भी सलाह लेते थे लेकिन अब सलाह लेने के लिए गुप्त बैठकों की आवश्यकता नहीं है। आज हम जैसे खुलकर मिले हैं, उसी तरह सिर उठाकर और खुलकर पूरे महाराष्ट्र में घूमेंगे, ऐसा उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर मुख्यमंत्री से कहा।

दोबारा कड़वे अनुभव न आएं
दोबारा कड़वे अनुभव न हो कल मुझ पर टिप्पणी हुई कि युति क्यों की? तो जवाब मेरे पास है। जो हुआ सो हुआ लेकिन इतना ख्याल रखें कि दोबारा कड़वे अनुभव न आएं। गलतफहमी और गलतियों को बताने का अब समय नहीं। नई शुरुआत की जा रही है। साफ मन और एक दिल से आगे जाएंगे, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा।
पाकिस्तान को दिखाकर रहेंगे
पिछले सप्ताह आतंकी हमले में शहीद हुए वीर पुत्रों का अभिवादन करता हूं। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पूरा देश एकजुट हुआ है। देश में आक्रोश और गुस्से का माहौल है। अपना देश कोई ऐरा-गैरा नहीं है, यह पाकिस्तान को दिखाकर रहेंगे। ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने नाणारवासियों की समस्या सुलझाने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।