राम मंदिर न बना सके वो सरकार किस काम की? -उद्धव ठाकरे

हिंदुत्ववादी सरकार के सत्ता में आने के बाद भी राम मंदिर का निर्माण नहीं हो रहा है तो यह सरकार किस काम की है? ऐसा सवाल उठाते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब इस मुद्दे पर शिवसेना सक्रिय हुई है तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को राम मंदिर के लिए आंदोलन करने की जरूरत महसूस होने लगी है। राम मंदिर के लिए आंदोलन की जरूरत है तो तुम्हारे आशीर्वाद से सत्ता में आई सरकार को तुम नीचे क्यों नहीं खींचते हो? ऐसा सीधा और सटीक सवाल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया है।
उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मंत्री, सांसद, विधायक, संपर्वâ नेता और जिला पदाधिकारियों की कल शिवसेना भवन में बैठक बुलाई थी। डेढ़ घंटे चली इस बैठक में उद्धव ठाकरे ने विभिन्न विषयों पर उनका मार्गदर्शन किया। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। अयोध्या में राम मंदिर के लिए पुन: आंदोलन किया जाएगा, ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैया जी जोशी ने एक पत्रकार परिषद में कहा है? ऐसा पत्रकारों ने उद्धव ठाकरे से पूछा। पत्रकारों के सवाल पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के कारण राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। २५ नवंबर को मैं अयोध्या जाऊंगा। उसके बाद सभी की भाग-दौड़ शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अयोध्या दौरे का कार्यक्रम शिवसैनिकों को दे दिया गया है।
संघ के परिश्रम के कारण मजबूत संख्याबल वाली सरकार वेंâद्र में आई है। फिर राम मंदिर के लिए संघ को आंदोलन की जरूरत क्यों पड़ रही है? ऐसा सवाल उद्धव ठाकरे ने किया। यह सरकार हिंदुत्ववादी सरकार मानी जाती थी, इसके बाद भी राम मंदिर का निर्माण नहीं हो रहा है तो ये सरकार किस काम की? सत्ता में आने के बाद धारा ३७०, समान नागरिक कानून का वचन भूल गए? ऐसा सवाल उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर किया।
राज्य में अकाल को लेकर कल की बैठक में चर्चा हुई। अकाल प्रभावित क्षेत्रों में किस पद्धति से काम करना है, शिवसेना की ओर से क्या उपक्रम चलाया जा सकता है? इस पर उद्धव ठाकरे ने मार्गदर्शन किया। अकाल प्रभावितों को जिस चीज की जरूरत है, उसकी मदद करो, ऐसा आदेश उद्धव ठाकरे ने सभी को दिया। अकाल प्रभावितों को पानी, चारा सुचारू रूप से मिल रहा है कि नहीं, यह देखो, चारा घोटाला आदि हुआ तो उस पर बारीकी से नजर रखो, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा। इस मौके पर शिवेसना नेता, सांसद संजय राऊत, सार्वजनिक निर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे और उपनेता व विधायक डॉ. नीलम गोर्हे उपस्थित थीं।