राम मंदिर पर संघ ने सरकार को सुनाया फिर से करेंगे आंदोलन

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर जो सुनवाई २९ अक्टूबर से होनी थी, उसकी सुनवाई सर्वाेच्च न्यायालय ने टाल दी, जिससे करोड़ों हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंची है तथा हिंदू समाज में वेदना है, वह खुद को अपमानित महसूस कर रहा है। इस विषय को लेकर संघ के अखिल भारतीय सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ने सरकार को सुनाते हुए कहा है कि न्यायालय इस पर पुनर्विचार करे।
केशव सृष्टि में संघ की अखिल भारतीय बैठक के दौरान भैयाजी ने पत्रकारों को बताया कि लंबित मामले संवेदनाओं को जन्म देते हैं। जम्मू-कश्मीर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदम से वहां के अराजकीय तत्व बौखलाए हुए हैं। सबरीमाला में महिला प्रवेश को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि अगर कोई महिला प्रवेश तक ही सीमित होता तो हम समर्थन में हैं। धार्मिक क्षेत्र में महिला-पुरुष में भेदभाव नहीं होता, परंतु कुछ मंदिरों के नियम होते हैं। समाज परंपराओं व मान्यताओं के आधार पर चलता है। इसके लिए संबंधित लोगों से विचार-विमर्श करना चाहिए। संघ के बारे में उन्होंने बताया कि पिछले ६ वर्षों में संघ का डेढ़ गुना काम बढ़ गया है। ५५ हजार ८२५ स्थानों पर संघ की शाखाएं लगती हैं। इस वर्ष एक लाख नए स्वयंसेवकों की वृद्धि हुई है। सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित २ हजार स्थानों पर १३ लाख वृक्ष लगाए गए हैं। देश में जल तथा पर्यावरण एक बड़ी चुनौती है, इसके संवर्धन पर संघ काम कर रहा है।
केशव सृष्टि में चल रही कल संघ की बैठक के अंतिम दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी यहां पहुंचे। समझा जाता है कि उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत व भैयाजी जोशी से औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक में देश भर से संघ के ४२ प्रांतों से ३५० अधिकारियों ने भाग लिया।