राम मंदिर बनाएंगे ही!, उद्धव ठाकरे का संकल्प

मैं अयोध्या गया था। क्यों गया था? राम मंदिर का निर्माण होना ही चाहिए। मुझे इस बात का गर्व है कि भाजपा ने अपने ‘संकल्प पत्र’ में सुनहरे अवसरों में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख किया है। हम राम मंदिर बनाएंगे ही, ऐसा संकल्प शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल अमरावती में शिवसेना-भाजपा महायुति की आयोजित भव्य सभा में किया।
अमरावती लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के शिवसेना-भाजपा महायुति के प्रत्याशी आनंदराव अडसूल के प्रचारार्थ आयोजित सभा को उद्धव ठाकरे ने कल संबोधित किया। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख है और कांग्रेस के घोषणापत्र में राम के नाम का उल्लेख नहीं। कांग्रेसवाले मुझसे पूछते हैं कि शिवसेना ने ‘पहले मंदिर, फिर सरकार’ का नारा दिया था। हां, मैंने कहा था। शिवसेना द्वारा राम मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाए जाने के बाद भाजपा ने इस पर साथ दिया और वर्षों बाद अविवादित ६५ एकड़ जमीन ट्रस्ट को देने का निर्णय लिया गया। मुद्दा अब विवादित जगह का है। कोर्ट ने मध्यस्थता की राह अपनाई। ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने विश्वास जताया कि उक्त मुद्दा भी जल्द सुलझेगा और वहां एक भव्य राम मंदिर बनेगा।
परभणी के बाद शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की अमरावती में अभूतपूर्व सभा हुई। इस सभा में भी जनसैलाब उमड़ पड़ा था। अमरावती में भी उद्धव ठाकरे ने अपनी तोप विपक्ष पर दागी। उन्होंने कहा कि अमरावतीकरों से हमारा अटूट नाता है। अमरावती पारंपरिक भगवा का गढ़ है, इसे जीतने के लिए अन्य पार्टियां कितनी भी उछल-कूद कर लें, वे अमरावती से भगवा उतार नहीं पाएंगी। ऐसा आत्मविश्वास जताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अमरावती हो या विदर्भ या फिर महाराष्ट्र हो, हमें हमारा प्रतिनिधि हमारे जैसा लड़नेवाला चाहिए न कि रोनेवाला। जो संसद में जनता की आवाज बुलंद करे और उन्हें न्याय दिलाए।
कल अमरावती शहर के नेहरू मैदान में अमरावती लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के महायुति प्रत्याशी आनंदराव अडसूल के प्रचारार्थ एक भव्य सभा आयोजित की गई थी। सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने उक्त बातें कही। शिवसेना-भाजपा युति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि युति देव, देश और धर्म पर हुई है। युति से पहले बीच के दिनों में थोड़ा-सा विवाद जरूर था लेकिन अब युति और मजबूत हो गई है। कांग्रेस और राकांपा आघाड़ी पर कटाक्ष करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के समय शिवसेना-भाजपा की युति टूट गई थी। हमारी युति टूटता देखकर कांग्रेस-राकांपा ने भी आघाड़ी तोड़ ली। इसके पीछे का कारण स्पष्ट था क्योंकि कांग्रेस-राकांपा के दिमाग में सिर्फ कुर्सी ही बसी हुई थी। तूफान के बीच परभणी में हुई महायुति की सभा का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि इतने तूफान और बिजली की गड़गड़ाहट के बावजूद सभा में उमड़ा जनसागर टस से मस नहीं हुआ। सभा समाप्त होने तक वे डटे रहे। यही शिवसेना की ताकत है और यही शिवसेना की निष्ठा है। शिवसैनिकों का रक्त भगवा रक्त है और जो भगवा विचार और हिंदुत्व की ज्योत शिवसेनाप्रमुख ने इनके मन में जगाई, उसे कोई निकाल नहीं सकता। उद्धव ठाकरे के ऐसा कहते ही शिवसैनिकों में जोश भर आया। राकांपा सुप्रीमो शरद पवार पर हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव आया तो शरद पवार को किसानों की याद आई इसलिए वे किसानों के बीच जा रहे हैं। पिछले पांच वर्ष महाराष्ट्र में सूखा के समय मेरे शिवसैनिक किसानों की मदद कर रहे थे। शिवसेनाप्रमुख के नाम से योजना शुरू करके हमने किसानों की बेटियों का सामूहिक विवाह कराया। तब कहां थे शरद पवार और राहुल गांधी? किसानों का दुख जानने और उनके आंसू पोंछने के लिए राहुल गांधी और शरद पवार कभी आए क्या? उद्धव ठाकरे के ऐसा सवाल करते ही उपस्थित जनसमुदाय ने एक स्वर में न कहा। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले शिवसेना ने एक पुस्तक जारी की थी, जिसमें कांग्रेस-आघाड़ी के घोटाले का पर्दाफाश किया था। पूरे देश को बरबाद करने और लूटनेवाले ये लुटेरे अब दूसरे को चोर कह रहे हैं। पिछले ५०-६० वर्ष में कांग्रेस ने क्या किया, यह सब आपने देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि २ बार सर्जिकल स्ट्राइक करके उन्होंने आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान को सबक सिखाया है और भाजपा से युति करने का प्रमुख कारण यह भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बार फिर कहूंगा कि पाकिस्तान को ऐसे सबक सिखाओ कि वह दोबारा खड़ा न हो सके। इसे कहते हैं देशप्रेम और मजबूत देश। एक तरफ हम देश मजबूत कर रहे हैं तो दूसरी तरफ यही कांग्रेसवाले देशद्रोह की धारा हटाने की बात कह रहे हैं, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। उद्धव ठाकरे ने इस दौरान विश्वास जताया कि शिवसेना-भाजपा युति महाराष्ट्र की ४८ सीटें जीतकर रहेगी। उन्होंने अमरावतीकरों से कहा कि जिस तरह से आपने शिवसेनाप्रमुख को अपना प्यार और आशीर्वाद दिया है, वही प्रेम और आशीर्वाद मुझ पर बनाए रखें। अंत में उन्होंने महायुति के प्रत्याशी आनंदराव अडसूल को भारी मतों से जिताने का आह्वान किया।