राम मंदिर बनेगा ही! उद्धव ठाकरे का निर्धार

राम मंदिर के नाम पर भाजपा सत्ता में आई। अब उसी मुद्दे से मुंह फेरकर भाजपा ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया है। राम मंदिर बनाने का प्रण लेकर अयोध्या के बाद पंढरपुर पहुंचे शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर गर्जना करते हुए साफ कह दिया है कि शिवसेना राम मंदिर निर्माण का मुद्दा नहीं छोड़ेगी। ‘पहले मंदिर फिर सरकार’ के अपने वचन पर दृढ़ रहते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना राम मंदिर बनाए बिना चुप नहीं बैठेगी। राम मंदिर बनेगा ही। ऐसा निर्धार उद्धव ठाकरे ने पंढरपुर की विशाल सभा में किया। भाजपा पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे दिन और १५ लाख की जुमलेबाजी को माफ किया लेकिन देवी-देवताओं के नाम पर जुमलेबाजी की तो माफी तो छोड़ो ठोंके बिना चुप नहीं बैठेंगे। हिंदुओं की भावना के साथ खिलवाड़ मत करो। राम और देवी-देवताओं के नाम पर जुमलेबाजी मत करो। ये जुमले महाराष्ट्र में शिवसेना उखाड़ फेंकेगी। विट्ठल के चरणों में यही मन्नत मांगता हूं। उन्होंने विश्वास जताया कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव क्या सैकड़ों चुनाव एक साथ करा दें लेकिन अब महाराष्ट्र में मेरे पांडुरंग, शिवसेना और भगवा का राज आएगा।
अयोध्या दौरे के एक माह बाद कल पंढरपुर के चंद्रभागा मैदान में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की विशाल सभा आयोजित की गई थी। इससे पहले पंढरपुर में इतनी विशाल सभा कभी नहीं हुई थी। इस विशाल सभा के पूर्व उद्धव ठाकरे ने परिवार समेत पंढरपुर के विट्ठल मंदिर में जाकर भगवान विट्ठल के दर्शन किए। २७ एकड़ के मैदान में हुई इस विशाल सभा में राम भक्त, शिव भक्त, वारकरी और शिवसैनिकों की उपस्थिति में उद्धव ठाकरे ने कल सरकार को चेताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वे कहते हैं राम मंदिर था, है और रहेगा। अरे, लेकिन दिखेगा कब? उद्धव ठाकरे की इस कटाक्ष पर पूरा मैदान ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह अहंकार था कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक हम ही विजेता हैं, चाहे वह चुनाव बाजार समिति का हो या न्यूयॉर्क का लेकिन यह अहंकार पांच राज्यों की जनता ने मिटा दिया। मिजोरम, तेलंगाना में तो क्षेत्रीय दलों ने राष्ट्रीय पार्टी भाजपा को धूल चटा दी। छत्तीसगढ़ में बिना नेतृत्ववाली आदिवासी जनता ने वहां का कचरा साफ किया। हर क्षेत्र में एक कदम आगे रहनेवाले शिवराय के महाराष्ट्र में यह काम क्यों नहीं होता? ऐसा सवाल करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर सोए कुंभकर्ण को जगाने के लिए मैं अयोध्या गया था। पंढरपुर में भी इसी कुंभकर्ण को जगाने आया हूं और इसके लिए मैं पूरे देश में जाऊंगा। राम मंदिर के मुद्दे पर कुंभकर्ण नहीं जागा तो एक हुआ हिंदू इसे सबक सिखाए बिना चुप नहीं बैठेगा। पिछले ३० वर्षों से चुनाव के समय इन्हें राम मंदिर की याद आती है। राम मंदिर के निर्माण के बारे में कहें तो यह न्यायालय की बात बताते हैं। बाबरी ढहाते समय कोर्ट में मामला जाएगा इस बात की अक्ल नहीं थी क्या? बाबरी ढहाने के लिए आज भी लोगों को कोर्ट की नोटिस आ रही है। इन्हें जिन न्यायालयीन मामलों में फैसला चाहिए वे फैसला करवाकर लेते हैं। सोहराबुद्दीन मामले में सभी निर्दोष छूट गए। राफेल मामले में क्लीन चिट पा ली, ऐसा कटाक्ष भी उद्धव ठाकरे ने किया। संघ मुक्ति की भाषा करनेवाले नीतीश कुमार और रामविलास पासवान की भी उद्धव ठाकरे ने खबर लेते हुए कहा कि इन दोनों के सामने भाजपा का कद कम हुआ जिसके लिए मैं इनका वंदन करता हूं लेकिन ये दोनों नेता राम मंदिर पर अपने मत जनता के समक्ष खुलकर रखें। लोकसभा में राम मंदिर पर सरकार चर्चा करे, कितने दल राम मंदिर के मुद्दे के पक्ष में हैं। यह मालूम हो जाएगा। इसका फैसला एक ही बार में हो जाने दो। लोगों की प्राइवेसी में घुसपैठ को लेकर भी उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। ‘डिजिटल इंडिया’ के नाम पर लोगों को कंप्यूटर और मोबाइल की आदत लगानेवाली सरकार अब लोगों की निजता में घुसपैठ कर रही है। इससे बचने के लिए सरकार इसका ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ रही है। कांग्रेस नहीं चाहिए इसीलिए जनता ने आपको सत्ता में बिठाया। कांग्रेस जैसी हालत जनता कभी भी कर सकती है। इस मौके पर मंच पर शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत, पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, पर्यावरण मंत्री रामदास कदम, परिवहन मंत्री दिवाकर रावते, उद्योगमंत्री सुभाष देसाई, शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर, सांसद अनिल देसाई, विनायक राऊत, आनंदराव अडसूल, चंद्रकांत खैरे आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का सूत्र संचालन शिवसेना सचिव आदेश बांदेकर ने किया। सभा की समाप्ति पर महाराष्ट्र केसरी कुश्ती प्रतियोगिता में विजयी हुए बाला रफीक को चांदी की गदा देकर उद्धव ठाकरे ने उनका सत्कार किया।
पहरेदार ही चोर हो गए!
जनवरी से सूखाग्रस्त इलाकों का मैं दौरा करनेवाला हूं। बीड में किए गए सूखाग्रस्त इलाके के दौरे का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिस कड़वे नीम के पत्ते से किटाणुओं को मारा जाता है उस नीम को ही कीड़े लग गए हैं, ऐसी स्थिति है यानी पहरेदार ही अब चोर हो गया है! ऐसी कड़ी टिप्पणी करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि सूखाग्रस्त इलाकों का निरीक्षण करने के लिए केंद्र की टीम आई थी। यह टीम शायद बुलेट ट्रेन से आई और उसी रफ्तार से चली गई। उद्धव ठाकरे के ऐसा कहते ही सभा में उपस्थित किसान हंस पड़े। प्रधानमंत्री विश्व भर में घूम रहे हैं। एक बार महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरान करें, ऐसा आह्वान करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि विश्व भर की धूल यहां झाड़ने की बजाय महाराष्ट्र की मिट्टी माथे पर लगाने के लिए यहां आएं।
महिला बचत गट को गोली बनाने का काम दो
राफेल घोटाला इन दिनों देश में गूंज रहा है। घोटालों के संदर्भ में उठे सवालों का जवाब देने की बजाय कोर्ट ने क्लीन चिट दी है। जवान शहीद हो रहे हैं। उनके वेतन वृद्धि का प्रस्ताव सरकार नकारती है। शस्त्र खरीदी में घोटाला करके कितना पाप करोगे? ऐसा सवाल करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि राफेल की तरह किसानों की फसल बीमा योजना में भी घोटाला होने का आरोप लग रहा है। इसीलिए हिंदुत्व की ताल बजाकर घोटाले करनेवाली सरकार का साथ नहीं देंगे। जिस तरह अनुभवहीन कंपनी को राफेल का कॉन्ट्रेक्ट दिया है, उसी तरह हमारी महिला बचत गट को बंदूक की गोली बनाने का काम दो। पोली बनानेवाली महिला गोली नहीं बना सकती क्या? ऐसा कटाक्ष भी उद्धव ठाकरे ने किया।
हम अन्याय का विरोध करनेवाले ‘वार’करी
हम भी वारकरी हैं, अन्याय पर वार करनेवाले पीठ पर नहीं हम सीधे छाती पर वार करनेवाले। वर्ष २०२२ में किसानों का उत्पादन दोगुना होगा, ऐसा प्रधानमंत्री ने कहा था। इसी जुमले की पोल संसद में खुली जब सरकार ने ऐसी कोई भी योजना नहीं होने की बात कही। ऐसी कड़ी टिप्पणी करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम जुमलेबाजी नहीं, बल्कि जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं। जो वचन देते हैं उसे पूरा करके दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं विठोबा के समक्ष वचन देता हूं कि जिस तरह मराठा समाज के आरक्षण के लिए शिवसेना कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही, ठीक उसी तरह धनगर, महादेव कोली समाज और अपने न्याय अधिकार के लिए लड़नेवाले सभी समाजों के अधिकार के लिए शिवसेना उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि धनगर समाज को जो शिवसेना ने वचन दिया है, उसकी पूर्ति किए बिना शिवसेना चुप नहीं बैठगी।
जनता तय करेगी युति का फैसला
उद्धव ठाकरे के भाषण के दौरान सभा में उपस्थित किसान प्याज-प्याज चिल्लाने लगे। इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले सरकार को बेहोश करता हूं फिर उन्हें होश में लाने के लिए प्याज सुंघाता हूं। उद्धव ठाकरे के इस कटाक्ष पर किसान हंस पड़े। प्याज के मुद्दे पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्याज उत्पादक किसान बेहाल है। किसान सड़क पर उतर रहे हैं। दूध उत्पादक भी सड़कों पर उतरे थे। किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए। सीटों का बंटवारा गया गड्ढे में। मुझे सत्ता का लालच नहीं है। युति करना है या नहीं, यह मेरी जनता तय करेगी, ऐसी भूमिका उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट की।