" /> रास्ता बना राहगीरों की समस्या

रास्ता बना राहगीरों की समस्या

मुंबई में मैनहोल में गिरकर कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। हर साल ऐसे कई हादसे सुनने में आते हैं, जिसमें मैनहोल के टूटने, कवर नहीं होने या फिर उसमें सफाई करने के दौरान लोग अंदर गिरकर या तो गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं या फिर अपनी जान गवां देते हैं लेकिन इन सब हादसों से मनपा प्रशासन ने अभी तक कोई सबक नहीं लिया है। जिसका ताजा उदाहरण एल वॉर्ड’ में देखने को मिल सकता है। मुंबई के कुर्ला स्थित नेहरू नगर में मनोहर साटम रोड पर चाहे गाड़ी हो या पैदल यात्री किसी को भी इस रास्ते से गुजरने में डर लगता है, जिसका कारण है कि इस सड़क पर मौजूद टूटा हुआ मैनहोल। जब भी लोग यहां से गुजरते हैं तो रास्ते पर मौजूद गंदगी, टूटी हुई सड़क और टूटे हुए मैनहोल के बारे में शिकायतें करते हुए नजर आते हैं।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस तरह मैनहोल के टूट जाने और उसकी वापस मरम्मत नहीं होने जैसी घटनाओं से लोग काफी परेशान हैं। लोगों की शिकायत है कि इस रास्ते से गुजरने की बजाय वे लॉग कट लेकर अपनी मंजिल पर पहुंचना पसंद करते हैं। एक तरफ जहां सड़कें टूटी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ मैनहोल की हालत भी काफी खराब है। इसके अलावा इस सड़क पर चारों तरफ कचरा पैâलने से भी लोग नाराज दिखाई देते हैं। इन सभी समस्याओं के कारण जब इस रास्ते से गाड़ियां गुजरती हैं तो उन्हें बहुत ही संभलकर आगे चलना पड़ता है। यही हाल पैदल यात्रियों का है, ऐसे में यदि कोई नया यात्री इस रास्ते से गुजरे और उसे इस मैनहोल के टूटने की खबर न हो तो उस व्यक्ति की मैनहोल में गिरने से मृत्यु हो सकती है। ऐसे में लोगों की डिमांड है कि जल्द से जल्द इस मैनहोल की मरम्मत करवाई जाए।

मेरा ऑफिस नेहरू नगर के मनोहर सातम रोड से कुछ ही दूरी पर स्थित है, जिसके कारण मुझे इस रास्ते से रोजाना गुजरना पड़ता है। यह रास्ता टूटा हुआ है और इस रास्ते पर मौजूद मैनहोल के ढक्कनों की हालत भी खराब हो गई है, इसकी जल्द से जल्द मरम्मत करवानी चाहिए।
-आशुतोष स्वामी (निवासी)

यह रास्ता बेहद ही खतरनाक है। मुख्य रूप से बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को इस रास्ते से गुजरते समय जान का खतरा है। मुख्य रूप से पास में मौजूद केदारनाथ हाईस्कूल के बच्चों द्वारा इस सड़क का उपयोग किया जाता है। ऐसे में कोई दुर्घटना घटित होने पर बच्चों की जान भी जा सकती है। -प्रशांत सोलंकी (निवासी)
यह सड़क एमटीएनएल के क्षेत्र के अधीन आता है। इसकी मरम्मत के लिए हमने कई बार एमटीएनएल के अधिकारियों को सूचना दी है। हम समय-समय पर इसके कार्य के बारे में उनसे जानकारी ले रहे हैं।
-प्रवीणा मोराजकर (नगरसेविका)