राहजनी में लुटेरे रोज लूटते हैं ढाई लाख, ६ साल में मुंबईकरों ने गंवाए ५२ करोड़

आधी रकम भी नहीं वसूल पाई पुलिस
लूट की रकम हुई कम, मगर बढ़ी वारदातें

बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के दौर में अपने परिवार के लिए जरूरी सुख-सुविधाओं के इंतजाम की खातिर लोग कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन कुछ अपराधी किस्म के लोग दूसरों की मेहनत की कमाई उनसे छीन लेते हैं। बात अकेले मुंबईकरों की करें तो विगत ६ वर्षों में उन्हें राहजनी में ५२ करोड़ रुपए से अधिक की नकदी व संपत्ति गंवानी पड़ी है। अर्थात लुटेरे प्रतिदिन मुंबईकरों से मेहनत की कमाई के लगभग २ लाख ४० हजार रुपए छीन लेते हैं। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के एसीपी (प्रतिबंधक) रमेश गावित ने आरटीआई एक्टीविस्ट शकील अहमद शेख को ऐसी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत दी है।
जानकारी में बताया गया है कि वर्ष २०१३ से वर्ष २०१८ तक मुंबईकरों ने राहजनी में ५२,२५,९८,३४९ रुपए गंवाए हैं। इसमें ६,९६,४७,७६७ रुपए की लूट रेलवे पुलिस के हद में की गई है। वर्ष २०१३ से २०१८ के बीच मुंबई पुलिस की हद में राहजनी के कुल ४६७९ मामले दर्ज हुए थे। इनमें लगभग ४५,२९,५०,५८२ रुपए की नकदी या संपात्ति लुटेरों ने लूट ली। वर्ष २०१३ में ६७९ मामलों में ९,४४,१४,४७४ रुपए, वर्ष २०१४ में ६९७ मामलों में ९,१५,८६,७७४ रुपए जबकि वर्ष २०१४ में ७९९ मामलों में १०,६३,२०,५९३ रुपए की लूट हुई। यानी कि इन ३ वर्षों में लूट की वारदातों के साथ-साथ लूट की रकम भी बढ़ती रही लेकिन बाद के वर्षों में वारदातें तो बढ़ीं लेकिन लूट की रकम घट गई। वर्ष २०१६ में ७२३ वारदातों में ४,४३,९५,४५८ रुपए की लूट हुई जबकि २०१७ में ८५० वारदातों में ४,५७,८८,९८३ रुपए की लूट हुई। वर्ष २०१८ में लूट की वारदातों के साथ लूट की रकम में भी जबरदस्त वृद्धि हो गई। अर्थात ९३१ मामलों में ७,०४,४४,३०० रुपए की लूट वर्ष २०१८ में हुई। मुंबई पुलिस की हद में हुई ४,६७९ राहजनी लूट की वारदातों में पुलिस महज ३,६२२ मामलों की गुत्थी ही सुलझा पाई जबकि ४५,२९,५०,५८२ रुपए में से महज एक तिहाई (१६,७५,४६,२९५ रुपए) संपत्ति ही पुलिस दोबारा हासिल कर सकी। इसी तरह रेलवे पुलिस ३,१६८ वारदातों में लूटे गए ६,९६,४७,७६७ रुपए का सिर्फ आधा (लगभग ३,६४,६८,५४२ रुपए) ही वसूल पाई।