राहुल हुए लेजर लॉक!, चेहरे पर ७ बार दिखी लेजर बीम

हरे रंग के पीछे कहीं हरा आतंकवाद तो नहीं?
एसपीजी के सामने नई चुनौती

क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जान को खतरा है? यह सवाल कल दिनभर मीडिया व सोशल मीडिया में घूमता रहा। इसका कारण था कि जब परसों वे अमेठी में अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे तो वहां उन्हें ‘लेजर लॉक’ कर दिया गया था। उनके चेहरे व सिर के हिस्से पर हरे रंग की लेजर बीम देखने को मिली। वह भी ७ बार। इसके बाद यह भी आशंका उठी कि कहीं इस हरे रंग के पीछे हरा आतंकवाद तो नहीं? टीवी चैनलों में जब यह दिखा तो कांग्रेस ने इसे गंभीरता से लिया। फिर तो अमेठी से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया। क्या राहुल को किसी स्नाइपर से निशाना बनाने की कोशिश की गई? यह सवाल चैनलों पर गूंजता रहा। तमाम कांग्रेसी नेता इस पर बयानबाजी भी करते रहे।
राहुल के चेहरे पर लेजर लॉक की खबर से एसपीजी के सामने भी नई चुनौती आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री ने तुरंत एसपीजी से जवाब-तलब किया। फिर एसपीजी ने जो जवाब दिया वह काफी दिलचस्प रहा। एसपीजी का कहना था कि नामांकन के बाद वहां काफी संख्या में लोग थे और वे अपने मोबाइल से राहुल की फोटो खींच रहे थे। उनमें से ही किसी के मोबाइल वैâमरे में लेजर लाइट लगी हुई थी और वही राहुल के चेहरे पर फोकस हो रही थी।
अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लेजर लॉक के मामले ने तूल पकड़ लिया था। राहुल अमेठी से चुनाव लड़ रहे हैं। अमेठी में नामांकन दाखिल करने के दौरान उनके शरीर पर लेजर लाइट दिखने को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह को कथित तौर पर लिखे गए पत्र को पार्टी ने नकार दिया है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सार्वजनिक तौर पर सामने आए पत्र के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘कोई चिट्ठी नहीं लिखी गई है। गृह मंत्रालय ने व्यापक सूचना दी है। कोई शिकायत नहीं की गई है।’ हालांकि बाद में पता चला कि यह लेजर लफड़ा खुद कांग्रेस द्वारा प्रायोजित और सस्ते प्रचार का एक हथकंडा भर था।
यह पूछे जाने पर क्या ये पत्र फर्जी हैं तो उन्होंने कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार करते हुए कहा, ‘खुद गृह मंत्रालय ने कहा है कि उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है।’ इससे पहले सार्वजनिक हुए पत्र पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अहमद पटेल, रणदीप सुरजेवाला और जयराम रमेश के हस्ताक्षर हैं, हालांकि पार्टी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। सोशल मीडिया में शेयर हो रहे इस कथित पत्र में कहा गया है कि बुधवार को जब राहुल अमेठी में मीडिया से बातचीत कर रहे थे, उसी दौरान उनके शरीर पर कम से कम ७ बार हरे रंग की लेजर लाइट दिखाई दी। वीडियो में लेजर लाइट के बारे में गृह मंत्रालय ने कहा कि यह कांग्रेस के वैâमरामैन के मोबाइल की लाइट थी।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और बहनोई रॉबर्ट वाड्रा की मौजूदगी में अमेठी के जिला कलेक्ट्रेट में बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। राहुल ने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले मुंशीगंज से गौरीगंज तक ३ किलोमीटर का रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी का पूरा चुनाव प्रचार किया। अमेठी की लोकसभा सीट से राहुल गांधी का मुकाबला भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है। राहुल अमेठी से पहले केरल के वायनाड से भी नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वे ३ बार से अमेठी से लोकसभा सदस्य हैं।

 क्या है लेजर लाइट?
लेजर लाइट असल में यह किरण नहीं बल्कि विकिरण है। विकिरण नजर नहीं आती। विकिरण के लिए किसी माध्यम की जरूरत नहीं है क्योंकि इसका संचार विद्युत चुंबकीय तरंगों द्वारा होता है। यह जहां से निकलती है अर्थात सोर्स, वहां दिखती है और फिर जिस ऑब्जेक्ट पर पड़ती है वहां नजर आती है। इसका इस्तेमाल आज अत्याधुनिक हथियार स्नाइपर राइफल आदि में अचूक निशाना लगाने के लिए किया जाता है। पहले के टेलिस्कोप राइफल का ये आधुनिक रूप है। सामान्य जन लेजर को इतना ही समझता है। आज चिकित्सा विज्ञान व निर्माण उद्योग में लेजर का काफी सकारात्मक इस्तेमाल हो रहा है। आजकल के नए स्मार्ट वैâमरे में ऑटोफोकस के लिए लेजर लाइट का इस्तेमाल किया जाता है। नए मोबाइल फोन में भी ऑटोफोकस के लिए ये लेजर लाइट लगे होते हैं।
 वैज्ञानिक व्याख्या
जब किसी प्रकाश को बिंदुवत् अवस्था में फोकस किया जाता है तो इसमें सतत् उत्पादित प्रकाश लेजर कहलाता है। लेजर आकाशिक रूप से सशक्त होती है, जिसका अर्थ है कि प्रकाश एक संकरे, निम्‍न प्रवाहित किरण के रूप में निकलेगा। लेजर तकनीक फेमेटो तकनीक पर आधारित है क्योंकि इसमें प्रकाश को फेमेटो लेवल (१०-१५ स्) तक बिंदुवत् किया जाता है।
लेजर की संकल्पना— सामान्यत: जब किसी पदार्थ को उच्च ऊर्जा दी जाति है तो उसकी बाहरी कला में विद्यमान इलेक्ट्रॉन (ा-) उच्च ऊर्जा स्तर पर चले जाते हैं तथा इसके विपरित जब ऊर्जा स्त्रोत को हटाया जाता है तो इलेक्ट्रॉन (ा-) पुन: निम्न ऊर्जा स्तर में आ जाते हैं। इस प्रकार मूल ऊर्जा स्तर में जिस कारण ऊर्जा अंतर उत्पन्न होने से ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। जब यह उत्सर्जन सतत् होता रहता है तो विकिरण कहलाता है और लेजर का निर्माण करता है।
 लेजर गाइडेड हथियार
आजकल के अत्याधुनिक हथियार लेजर गाइडेड होते हैं। लड़ाकू जेट में लेजर गाइडेड बम लगे होते हैं। ये अपने निशाने पर अचूक वॉर करते हैं। इसी तरह राइफल्स में लेजर बीम लगे होते हैं जिससे स्नाइपर्स निशाना लगाते हैं। हालांकि इस बारे में यह भी कहा जाता है कि लेजर बीम वाले राइफल से निशाना चूकने का खतरा है क्योंकि यह टारगेट को अलर्ट कर सकता है। इसके अलावा विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादा दूरी की बजाय कम दूरी के लेजर हथियार ज्यादा कारगर हो सकते हैं।