रिश्तों की उलझी डोर बनी रोहित के मौत का कारण

 रोहित हत्याकांड में पत्नी का कबूलनामा
 प्रॉपर्टी और शक में उलझी एक प्रेम कहानी
कलयुग में पवित्र रिश्ते लोभ-लालच में वैâसे तार-तार हो रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण रोहित शेखर तिवारी मर्डर केस है। पत्नी अपूर्वा तिवारी ने पुलिस जांच में घटना की पूरी मिस्ट्री बताकर समाज को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर समाज किस रास्ते पर चल पड़ा है? अपूर्वा तिवारी ने अपने कबूलनामे में बताया कि उन्होंने अपने नापाक मंसूबे किस तरह से घटना में तब्दील किए। घटना के वक्त रोहित शराब के नशे में थे तभी पति-पत्नी के बीच एक तीसरी महिला को लेकर कहासुनी हुई और कहानी मर्डर तक पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार अपूर्वा ने अपने कबूलनामे में कहा है कि झगड़ा होने के बाद वह कुछ देर सोचती रही कि अब उसे क्या करना चाहिए? तभी उसके दिमाग में रोहित को बेहोश कर मारने का आईडिया आया। अपूर्वा ने वैसा ही किया? शराब के नशे में बेसुध पड़े रोहित को नशीला पदार्थ देकर मुंह पर तकिये से दबाव देकर मारा गया। इस बीच रोहित के मुंह और नाक से खून भी बहा जिसे अपूर्वा ने साफ कर दिया। ताकि घटना को दूसरा रूप दिया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम में उनका ड्राइवर और घरेलू नौकर भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि पुलिस और भी दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। मर्डर की कहानी एक्सपोज होने के बाद रोहित शेखर की मां उज्वला शर्मा ने बताया कि उन्हें दोनों के बेमेल रिश्ते पर शुरू से ही अंदेशा था कि अपूर्वा मतलब परस्त और लालची औरत है। वह हमेशा कोर्ट-अदालत की धमकी देती थी। क्योंकि वह खुद वकील है। दिल्ली की कुछ प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का भी रोहित पर दवाब डालती थी। मां ने बताया यही कारण था कि शादी के अगले दिन से ही दोनों में लड़ाई-झगड़े होने शुरू हो गए थे। घर का कोई सदस्य जब बीच में बोलता था तो उसे कोर्ट में खीचने की धमकी देती थी। अपूर्वा ने रोहित का संबंध रिश्ते की एक महिला से होना भी बताया। रोहित उस महिला को भाभी बोलते थे। अपूर्वा की मानें तो रोहित और उस महिला के बीच जिस्मानी रिश्ते थे, दोनों साथ में देर रात तक शराब भी पीते थे। मना करने पर रोहित अपूर्वा से मारपीट करते थे। इसको लेकर अपूर्वा ने मां से शिकायत की थी।