रिस्क लेना होगा

यदि ऐसा कहें कि टीम सिलेक्शन जब तक सही नहीं होगा तब तक टीम इंडिया क्या कोई भी टीम जीत नहीं सकती तो इसमें गलत कुछ नहीं? पहला वन डे गंवा चुकी टीम इंडिया के लिए टीम सिलेक्शन ही कारण है कि उसे पराजित हो जाना पड़ा। हालांकि ये प्रबंधन और कप्तान की अपनी सोच होती है किंतु मैदान से बाहर क्रिकेट समीक्षकों की राय में टीम इंडिया में कुछ खिलाड़ियों के गलत चयन की वजह से हार का सामना करना पड़ा। समीक्षक कहते हैं कि रायडू-कार्तिक की जगह यदि जाधव और ऋषभ पंत होते तो परिणाम कुछ और देखने को मिलता। एक ठीक-ठाक गेंदबाज भी मिलता और वहीं फार्म में होनेवाला एक बल्लेबाज भी। शिखर धवन के भरोसे रहना टीम इंडिया की ओपनिंग के लिए खतरनाक है, रिस्क लेनी चाहिए तब ज्यादा जब विश्वकप के लिए हम टीम चयनित करने जा रहे हों। मंयक अग्रवाल को शामिल किया जाना चाहिए था। ये भी मद्देनजर रखना चाहिए था कि आस्ट्रेलिया ने नए खिलाए जानेवाले खिलाड़ी ही सफल हुए क्योंकि वो फार्म में थे लोकल टूर्नामेंट में। दरअसल, घिसे-पिटे रागों का जमाना अब गुजर चुका है। नए और धमाकेदार खिलाड़ियों से ही जीत की इबारत लिखी जा सकती है। अभी भी वक्त है कोहली को रिस्क लेनी चाहिए क्योंकि रिस्क ही उन्हें जीत के दरवाजे पर खड़ा करेगी।