" /> रेक है रेडी, बस चलने की है देरी : उत्तर भारत के लिए चली 6 ट्रेनें

रेक है रेडी, बस चलने की है देरी : उत्तर भारत के लिए चली 6 ट्रेनें

लॉक डाउन के बीच प्रवासी मजदूरों के लगातार पलायन को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी है। मध्य और पश्चिम रेलवे ने ट्रेन चलाने के लिए पहले से ही रेक रेडी करके रखे हैं। इन्हें बस आदेश मिलते ही चलाने की देरी गई। रविवार को मुंबई से क़रीब 6 ट्रेनें अन्य राज्यों के लिए रवाना की गई। इनमें से अधिकतर ट्रेनें उत्तर भारत की ओर निकलीं।
इनमें सीएसएमटी से दो, एलटीटी से तीन और वसई रोड से एक ट्रेन रवाना की गई। एक अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन से पहले मुंबई से रोजाना करीब 250 ट्रेनों की आवाजाही थी। मध्य और पश्चिम रेलवे के पास अभी भी मुंबई में पर्याप्त रेक मौजूद हैं। अधिकारी ने बताया कि रेक पहले से ही रेडी हैं बस उन्हें चलाने की देरी हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा एक दिन पहले सूचित कर दिया जाता है। इसके बाद रेक में मांग के हिसाब से डिब्बे जोड़कर स्टेशन पर भेज दिया जाता है। यात्रियों को स्टेशन पर लाने के बाद कॉमर्शियल स्टाफ द्वारा उन्हें व्यवस्थित ढंग से बोर्ड कराया जाता है।

एनजीओ की मिल रही है मदद
यात्रियों का किराया देने के लिए कुछ एनजीओ और कुछ राजनीतिक पार्टियों ने मदद की है। एक यात्री ने बताया कि पंजीकरण के बाद जब अनुमति मिलती है, तब पुलिस की ओर से दल के लीडर को फोन आता है। इस दौरान टिकट का पैसे देने वाले यात्रियों को तरजीह दी जाती है, जिन यात्रियों की हालात बेहद बुरी है, उनके टिकट की रकम जुटाने के लिए सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाता है।
ट्रेनों में बांटे बिस्किट
भारत चेंबर ट्रस्ट और लायन क्लब ऑफ मिलेनीयम ने मिलकर रविवार को सीएसएमटी और एलटीटी से छूटनेवाली सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेन के सभी यात्रियों को बिस्किट के पैकेट बांटें। यह अभियान 31 मई तक चलाया जाएगा, जिसके लिए रोजाना पच्चीस हजार रुपये खर्च आने का अनुमान है। इस काम की शुरुआत वरिष्ठ रेलवे अधिकारी और भारत मर्चेंट्स चेंबर के ट्रस्टी योगेंद्र राजपुरिया व लायन क्लब ऑफ मिलेनीयम के मनमोहन मेहता की ओर से की गई।

रोज चलेंगी 300 ट्रेनें!
लॉकडाउन की वजह से फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का काम जारी है। रेलवे इस लिए हर रोज स्पेशल ट्रेन चला रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा कि रेलवे अल्प अवधि सूचना पर भी हर रोज 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए तैयार है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘माननीय पीएम नरेंद्र मोदी जी के निर्देश के अनुसार रेलवे अल्प अवधि सूचना पर भी पिछले छह दिनों से हर रोज 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए तैयार है। मैं सभी राज्यों से अपील करता हूं कि वे अपने फंसे प्रवासियों को बाहर निकालने और वापस लाने की अनुमति दें ताकि हम सभी को अगले 3-4 दिनों में उनके घर वापस पहुंचा सकें।’