" /> रेलवे के बुकिंग क्लर्क की ड्यूटी के बाद मौत : रेल कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

रेलवे के बुकिंग क्लर्क की ड्यूटी के बाद मौत : रेल कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

लॉक डाउन खोलने और गतिविधियां सामान्य करने को लेकर कई तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं। खासतौर पर ट्रांसपोर्ट से जुड़े कर्मचारी इससे प्रभावित हो रहे हैं। शनिवार को पश्चिम रेलवे की बुकिंग ऑफिस में कार्यरत एक कर्मचारी की मौत होने के बाद रेल कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है।

ड्यूटी के बाद अस्पताल
शनिवार को भाईंदर के टेंभा हॉस्पिटल में राम अवध शास्त्री की मौत हो गई। अस्पताल द्वारा छाती में दर्द और न्यूमोनिया को मौत की वजह बताया जा रहा है। शास्त्री का कोविड-19 टेस्ट हुआ था और खबर लिखे जाने तक रिपोर्ट नहीं आई थी। शास्त्री के सहयोगियों ने बताया कि उन्होंने 2 जून को वसई में ड्यूटी की थी। 3 जून मीरा रोड स्थित अपने घर के पास उनकी तबियत बिगड़ी, चक्कर आने के बाद वे गिर पड़े। बिल्डिंग का वॉचमैन उन्हें घर तक छोड़ आया। जब शास्त्री का दर्द बढ़ने लगा तो उन्हें 4 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिन बाद यानी शनिवार को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

सहकर्मियों की चिंता
शास्त्री के साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने 2 जून को भी ड्यूटी की थी। वो कैश संभालने का काम करते थे। एक बुकिंग क्लर्क ने बताया था कि स्टेशन पर बुकिंग और रिफंड काउंटर खोलने के बाद उन्हें केवल सेनिटाइजर और मास्क दिए गए हैं। यात्रियों को सेनिटाइज करके आरक्षण परिसर तक भेजने का कोई प्रबंध नहीं है। बुकिंग क्लर्क ने मांग की है कि पैसे लेन-देन के लिए भी अल्ट्रा रेज मशीन लगाई जाए। इससे पहले शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल कोच केयर सेंटर पर भी कर्मचारी परेशानी में आ गए थे, जब जयपुर से मुंबई सेंट्रल पहुंची ट्रेन को सेनिटाईज करना था। इस ट्रेन से जयपुर पहुंची एक महिला की मौत हो गई थी। पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में उसे संक्रमित पाया गया।

रेलवे का कहना है
बुकिंग क्लर्क की मौत के मामले में रिपोर्ट का इंतजार है। तब तक उनके संपर्क में आए सभी लोगों को क्वॉरंटीन रहने का निर्देश दिया गया है। रेलवे के अनुसार नियमों के मुताबिक टेस्ट की रिपोर्ट आने तक बॉडी को अस्पताल में ही रखा जाता है और संक्रमित होने पर मनपा द्वारा सीधे अंतिम क्रिया की जाती है। रेलवे ने बताया कि कर्मचारियों के लिए तमाम एहतियात बरते जा रहे हैं।