" /> रेलवे ने दिया स्टॉल खोलने का आदेश : स्टाफ मांगे सुरक्षा की गारंटी

रेलवे ने दिया स्टॉल खोलने का आदेश : स्टाफ मांगे सुरक्षा की गारंटी

कोरोना संक्रमण से लड़ाई लड़ते हुए दो महीने का समय बीत गया है। आखिरकार अब जाकर स्थिति को सामान्य करने की कवायद की जा रही है। 1 जून से देशभर में अतिरिक्त 200 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी। रेलवे की योजना ट्रेनों के परिचालन तक तो ठीक है लेकिन देशभर में 35 प्रतिशत स्टाफ़ की क्षमता से काम करनेवाली रेलवे, प्लेटफॉर्म पर शत-प्रतिशत स्टॉल खुलवाना चाहती है। मध्य और पश्चिम रेलवे ने इसके आदेश भी दे दिए हैं लेकिन स्टॉलवालों के समक्ष कई विकट समस्या आ रही हैं। उनका मानना है कि स्टॉल खुलने पर ये समस्याएं और बढ़नेवाली हैं।
सुरक्षा की गारंटी!
स्टॉलवालों ने रेलवे के फ़रमान को देखकर अपनी कुछ मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि जब पीपीई किट पहननेवाले डॉक्टर संक्रमण से बच नहीं पा रहे हैं, ऐसे में रेलवे उनके स्टाफ़ के सुरक्षा की गारंटी ले, तो बात आगे बढ़ेगी। एक स्टॉलवाले ने बताया कि स्टाफ़ की सुरक्षा तब होगी जब काम के लिए स्टाफ़ होगा। लॉकडाउन के दौरान मुंबई सेंट्रल की इस स्टॉल पर काम करनेवाले सभी कामगार निकल गए हैं। अब यदि उन्हें बुलाया भी जाएगा, तो उनके प्रदेश में क्वॉरंटीन पीरियड खत्म होने के बाद ही ऐसा संभव होगा।
स्टाफ़ के लिए ट्रेन नहीं
बांद्रा टर्मिनस की एक स्टॉलवाले ने बताया कि उनके यहां काम करनेवाले लोगों का जुगाड़ भी हो जाएगा लेकिन वे रोजाना मीरा रोड से बांद्रा पहुंचेंगे कैसे? रेलवे ने जो अपने कर्मचारियों के लिए विशेष लोकल चलाई हैं, उसमें आने-जाने की अनुमति नहीं है। स्टॉल मालिक की चिंता है कि घर से यदि कोई काम के लिए निकल भी जाए, तो बीच में पुलिस नहीं रोकेगी इसकी गारंटी कौन लेगा?
स्टॉलवालों पर रेलवे का दबाव
रेलवे कैटरर्स एसोसिएशन के अनुसार अधिकारी हर हाल में स्टॉल शुरू कराना चाहते हैं क्योंकि लाइट और पानी का बिल भरना है। दूसरा लाइसेंस फीस का भी मामला है लेकिन पिछले दो से ढाई महीने बिना कमाई के स्टाफ को पगार जब स्टॉलवालों की ओर से दी गई, तब कोई नहीं देख रहा था। एसोसिएशन के अनुसार रेलवे को स्टॉलवालों के लिए भी राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। कुछ समय के लिए लाइसेंस फ़ीस माफ़ करनी चाहिए। एक वेंडर ने बताया कि अधिकारी पूरा दबाव स्टैटिक स्टॉलवालों पर बना रहे हैं जबकि आईआरसीटीसी के फूड प्लाजा और मल्टी पर्पज स्टॉल को कोई पूछ नहीं रहा है।
रेलवे का कहना है
रेलवे के अनुसार सभी प्रक्रियाएं सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। जब ट्रेनों का ऑपरेशन धीरे-धीरे सामान्य करना है तो स्टॉल भी तो खुलनी चाहिए। 1 जून से चलनेवाली ट्रेनों के यात्रियों के लिए पैकेज्ड फूड और पानी की बोतल मुहैया स्टॉल के जरिए ही होगी इसलिए सभी स्टॉलवालों को काम शुरू करने का आदेश दिया गया है, जहां तक बात सुरक्षा की है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सभी को करना ही है।