रेलवे में खाना-पीना बंद, शरबत के बाद वड़े-समोसों पर बंदी

रेलवे में जाना है तो पैक्ड फूड खाना है

– स्टेशनों के खान-पान को लेकर रेलवे अलर्ट
– सारे फूड स्टॉलों का होगा निरीक्षण
– खराब गुणवत्ता की आई हैं कई शिकायतें
– रेलवे के साथ एफडीए भी करेगा निरीक्षण
– अस्वच्छ फूड स्टालों पर की जाएगी कार्रवाई
– उनका लाइसेंस हो सकता है निलंबित
– वड़ा पाव-समोसे पर लग सकती है पाबंदी
– पैक्ड फूड बेचने पर कोई रोक नहीं

कुर्ला रेलवे स्टेशन पर नींबू-पानी बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने सभी तरह के शरबत की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब इसी तरह आनेवाले दिनों में रेलवे स्टेशनों पर बेचे जानेवाले वड़ा और समोसा पर भी पाबंदी की गाज गिर सकती है। इस संबंध में रेल प्रशासन और एफडीए के बीच विचार-विमर्श शुरू है। ऐसे में अब रेलवे में सफर करना है तो मुसाफिरों को पैक्ड फूड ही खाना होगा।
बता दें कि कुर्ला में नींबू-पानी प्रकरण के बाद हाल ही में मध्य रेलवे ने अपने सभी स्टेशनों पर शरबत की बिक्री पर पूरी तरह से बंदी लगा दी है। इसके बाद रेलवे प्रशासन स्टेशनों पर बिकनेवाले वड़ा और समोसा पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। बताया जाता है कि वड़ा और समोसा बनाते समय भी स्वच्छता की अनदेखी की जाती है। बार-बार इस्तेमाल किए गए तेलों में वड़ा और समोसे को तला जाता है। इस्तेमाल किए जानेवाले तेल की गुणवत्ता भी घटिया स्तर की होती है, जिससे हृदय संबंधित बीमारियों का यात्री शिकार हो सकते हैं। इसके पहले भी वड़ा-पाव और समोसा में कीड़े मिलने की घटनाएं हुई हैं और उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। नींबू पानी के बाद समोसे को लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें समोसे पर पैर रखकर सोता हुआ एक व्यक्ति दिखाई दे रहा था। इन्हीं सब बातों को गंभीरता से लेते हुए एफडीए और रेलवे प्रशासन वड़ा और समोसे पर पाबंदी लगाने का विचार कर रहा है। दूसरी ओर रेलवे प्रशासन रेलवे के सभी बुक स्टॉलों पर अखबार और किताबों के अलावा पैक्ड फूड बेचने के दिशा में कदम बढ़ा रहा है।