" /> रेलवे में दिखेंगे अब कपड़ों के बैनर

रेलवे में दिखेंगे अब कपड़ों के बैनर

महाराष्ट्र एक मई तक सिंगल यूज प्लास्टिकमुक्त हो जाएगा। इसी कड़ी में अब रेलवे ने भी प्लास्टिकबंदी की तरफ रुख अख्तियार कर लिया है। रेलवे ने निर्णय लिया है कि अब स्टेशनों पर प्लास्टिक के बैनरों पर रोक लगाई जाएगी और उसकी जगह पर कपड़ों के बैनरों का उपयोग किया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में विज्ञापनों के जरिए प्लास्टिक के बैनरों का उपयोग होता है इसलिए रेलवे बोर्ड द्वारा प्लास्टिक की बजाय अब कपड़े के बैनर का उपयोग करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने भी रेल मंत्रालय को प्लास्टिक पर बैन लगाने की सूचना दी है, जिसके बाद रेलवे ने भी प्लास्टिक को बैन करने का निर्णय लिया।
रेलवे परिसर में विज्ञापन के लिए अब रेलवे कपड़े से बने बैनरों या फिर पेपर जैसे पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं का उपयोग करेगी। रेलवे मंडल ने भी अब स्पष्ट किया है कि अब वह पर्यावरण को हानि पहुंचानेवाली प्लास्टिक का उपयोग बंद करके पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं का उपयोग करेगी।
‘स्वच्छ भारत अभियान’ के दिन भारतीय रेलवे ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाई थी। इसके विकल्प के रूप में पर्यावरण सहायक वस्तुओं की तलाश भी रेलवे ने करना शुरू कर दिया है। अब रेलवे स्टेशनों पर स्टॉलधारकों को और लंबी दूरी की ट्रेनों में खाद्य पदार्थ बेचनेवाले वेंडरों को प्लास्टिक के कप बेचने पर रोक लगाने के साथ ही प्लास्टिक की थैलियों की जगह कपड़े की थैली देने को कहा गया है।
आईआरसीटीसी अधिकारी के अनुसार पानी की बोतलों को मशीनों द्वारा क्रश किया जा रहा है और रेलवे के कार्यालयों, रेलवे परिसरों में उपयोग होनेवाले प्लास्टिक के बैनरों, पोस्टरों को भी बंद किया जाएगा और उनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं का उपयोग किया जाएगा।