रेलवे में हो रहा है कैंसर कोटे का दुरुपयोग, ७४ जाली सर्टिफिकेट बरामद

छुट्टियों में अब मुलुक जानेवाली ट्रेनों में आरक्षित टिकट पाने के लिए कैंसर पीड़ित कोटे का दुरुपयोग हो रहा है। पश्चिम रेलवे के सतर्कता विभाग की टीम ने एक ऐसे ही रैकेट का पर्दाफाश किया है। ४ मई को जबलपुर स्टेशन पर एक व्यक्ति को यात्रा के बीच में ट्रेन से उतारा गया। सूरज पांडेय नामक यह व्यक्ति वैंâसर पेशेंट के जाली सर्टिफिकेट पर यात्रा कर रहा था।
पश्चिम रेलवे के सतर्कता विभाग ने सौरभ मसेकर और मनोज यादव की अगुवाई में एक टीम बनाई थी। इस टीम को सूचना मिली थी कि मुंबई डिविजन में वैंâसर पेशेंट कोटे का दुरुपयोग हो रहा है और कुछ लोग जाली सर्टिफिकेट पर यात्रा कर रहे हैं। टीम के एक सदस्य ने बताया कि दादर पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम पर सबसे ज्यादा वैंâसर पेशेंट कोटे की रिक्वेस्ट आती हैं। यहां से कैंसर का अस्पताल नजदीक होने के कारण ऐसा होता है। यहां से कोटे के लिए प्राप्त कागजात की छानबीन करने पर डॉ. एम.डी. अग्रवाल (रक्त रोग विशेषज्ञ) के सर्टिफिकेट बार-बार सामने आ रहे थे। जब संबंधित डॉ. अग्रवाल से इन सर्टिफिकेट की जांच की गई, तो पता चला कि ये फर्जी हैं।
जबलपुर में धराया आरोपी
इसी फेक सर्टिफिकेट के आधार पर सूरज कुमार पांडेय ने सीएसएमटी से बनारस के लिए २एसी में वैंâसर पेशेंट कोटे से टिकट बुक कराया था। ४ मई को जब उनकी ट्रेन जबलपुर पहुंची, तो टीटीई ने उससे वैंâसर सत्यापित करने के कागजात मांगे, जिसे दिखाने में वो असफल रहा। सूरज ने २,३५० रुपए की टिकट १,२०५ रुपए में बुक कराई थी साथ ही एक अटेंडेंट यात्री की भी आरक्षित टिकट बुक हुई थी। पांडेय से आगे की पूछताछ जारी है।
सतर्कता विभाग की टीम दादर पीआरएस पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करने लगी। इस दौरान उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति हाथ में फॉर्म लेकर घूमता हुआ नजर आया। छापामारी के दिन आरोपी को घेरा गया तो वह फॉर्म वहीं छोड़कर भाग निकला। एक अधिकारी ने बताया कि कुल ७४ जाली सर्टिफि‌केट मिले हैं। आरोपी की तलाश जारी है। इस केस में आईपीसी की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कराया जाएगा। टीम ने बताया कि सभी सर्टिफिकेट पर डॉ. एम.डी. अग्रवाल के हस्ताक्षर और मुहर थे। डॉ. अग्रवाल से संपर्क करने पर बात नहीं हो पाई, वहीं डॉ. अग्रवाल ने रेलवे को बताया कि उनके द्वारा इस तरह के कोई भी सर्टिफिकेट जारी नहीं किए गए हैं।
गौरतलब हो कि रेलवे के सतर्कता विभाग ने हाल ही में हवाई मार्ग से तत्काल टिकट भेजनेवाले रैकेट का भंडाफोड़ किया था और अब वैंâसर पेशेंट कोटे के फर्जीवाड़े का पता चला है। हमारी टीम द्वारा आगे भी कार्रवाई जारी रहेंगी।
– संदीप श्रीवास्तव,
सीनियर विजिलेंस ऑफिसर
(मुंबई डिविजन)