रेल को लगेगा बोइंग का झटका

इथोपियन एयरलाइन का विमान बोइंग ७३७ मैक्स ८ हाल ही में हादसे का शिकार हुआ है। इस हादसे में ४ हिंदुस्थानियों सहित १५४ लोगों की मौत हुई है। इस घटना के बाद से डीजीसीए ने तत्काल प्रभाव से बोइंग ७३७ मैक्स विमानों का परिचालन रोक दिया है। मैक्स विमानों की उड़ानों पर प्रतिबंध लगने से बोइंग का झटका रेलवे को लगने के पूरे आसार हैं।

बता दें कि बोइंग ७३७ मैक्स के १२ विमान स्पाइस जेट के पास हैं जबकि जेट एयरवेज के पास कुल ५ विमान हैं। स्पाइस और जेट एयरवेज के ये विमान उत्तर भारत को सेवा भी देते हैं। ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञों की मानें तो इन विमानों की उड़ानों पर प्रतिबंध लगने से एक ओर गर्मी के सीजन में जहां अन्य विमान कंपनियों के किराए में भारी बढ़ोत्तरी होगी, वहीं इसका असर रेलवे पर भी पड़ेगा। डिमांड के अनुसार हवाई सेवा न होने से लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, दिल्ली की हवाई यात्रा महंगी हो जाएंगी। जबकि महंगा हवाई किराया होने से उपरोक्त रूट का हवाई सफर करनेवाले यात्री रेल सफर का रुख करेंगे। गर्मी के सीजन में पहले से ही उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनें खचाखच भारी रहती हैं। ऐसे में हवाई यात्रियों का भार भी रेल पर पड़ने से स्थिति काबू के बाहर हो सकती है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार हवाई सफर करनेवाले यात्री हाई क्लास के होते हैं। बोइंग ७३७ मैक्स की उड़ान पर प्रतिबंध लगने से यदि हवाई सफर करनेवाले यात्री रेल से सफर करने का निर्णय लेते हैं तो एसी क्लास में सफर करनेवाले यात्रियों की डिमांड बढ़ जाएगी।

जेट एयरवेज के प्रवक्ता रुद्रानील सेनगुप्ता ने बताया कि जेट एयरवेज के पास बोइंग ७३७ मैक्स के ५ विमान हैं लेकिन इनमें से कोई भी विमान उड़ान नहीं भर रहे हैं। एयरलाइंस विमान निर्माता कंपनियों के संपर्क में है। स्पाइस जेट के प्रवक्ता देबदूत मजूमदार से संपर्क किया गया तो उत्तर भारत जानेवाली फ्लाट्स की जानकारी नहीं मिल पाई, वहीं उत्तर भारत के लिए अधिकतर ट्रेनें मध्य रेलवे के सीएसएमटी, दादर, एलटीटी, कल्याण, पनवेल से संचालित होती हैं। मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन का कहना है कि बोइंग ७३७ मैक्स विमान पर लगे प्रतिबंध का असर रेलवे पर पड़ेगा यह अभी नहीं कह सकते। फिलहाल हमारे पास सिविल एविएशन की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। जैन के अनुसार हवाई जहाज के यात्री हाई क्लास के होते हैं। यदि बोइंग के प्रतिबंध का असर रेलवे पर पड़ता भी है तो एसी कोच की डिमांड बढ़ेगी। ट्रेनों के वेटिंग लिस्ट के आधार पर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने या फिर एसी विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय इस दौरान लिया जाएगा।