रेल रूट की होगी ड्रोन से निगरानी

सुरक्षित रेल परिचालन के लिए अब रेलवे ड्रोन का सहारा लेगी। रेलवे ड्रोन से ओवरहेड वायर, पहाड़, रेल रूट आदि पर निगरानी रखेगी ताकि समय-समय पर मरम्मत कार्य व दुरस्ती कर किसी अनहोनी को टाला जा सके।
जानकारी के मुताबिक रेल रूट की निगरानी के लिए रेलवे सभी रेल मंडलों को ड्रोन मुहैया कराएगी। रेल अधिकारियों का कहना है कि २४ घंटे रेल रूट, ओवरहेड वायर में होनेवाली खराबी को नहीं पकड़ा जा सकता। साथ ही मॉनसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की जो स्थिति बनी रहती है, उसे समय रहते रोकने में ‘ड्रोन’ कारगर साबित होगा। अधिकारी के मुताबिक मध्य रेलवे ने पारसिक टनल के पास होनेवाले भूस्खलन को रोकने के लिए पहले ड्रोन का सहारा लिया था। ड्रोन द्वारा कमजोर पड़ रहे पत्थरों की पहचान करने के बाद उस स्थान को सुरक्षित करने में रेलवे को आसानी हुई थी। अधिकारी के मुताबिक ड्रोन में लगे वैâमरे इतने शक्तिशाली हैं कि ओवर हेड वायर, रेल पटरी में पड़नेवाली दरार को बारीकी से देखा जा सकता है साथ ही कमजोर पड़ रहे ओवर हेड वायर और पटरी की दरारों की आसानी से पहचान की जा सकती है।