" /> रोग झाड़ते हैं झाड़ूवाले पातालेश्वर महादेव, भक्त चढ़ाते हैं शिवलिंग पर झाड़ू

रोग झाड़ते हैं झाड़ूवाले पातालेश्वर महादेव, भक्त चढ़ाते हैं शिवलिंग पर झाड़ू

सावन का महीना अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। शिवजी के इस प्रिय महीने में उनकी विशेष पूजा करने की परंपरा है। इस महीने में भक्त उनके धामों पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। भक्तों के प्यारे बोले बाबा जितने निराले हैं उतने ही उनके धाम भी अनोखे हैं। आपने महादेव के कई मंदिरों के बारे में सुना या पढ़ा होगा। श्रावण विशेष में आज हम आपको भगवान शिवशंकर के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानने के बाद आपको हैरानी होगी। यह मंदिर मुरादाबाद-आगरा राजमार्ग पर सदत्बदी गांव में स्थित है। ये अति प्राचीन पातालेश्वर मंदिर है, जहां की परंपरा सबसे निराली है। दरअसल, यहां एक प्रचलित लोक मान्यता है, जिसके तहत कुछ ऐसा होता है जिसे जानने के बाद आपको बहुत हैरानी होगी।

इस मंदिर में शिवलिंग को लेकर अजीब मान्यता है कि शिवलिंग पर झाडू चढ़ाने से मनुष्य के बड़े से बड़े रोग खत्म हो जाते हैं। यहां जो भी रोगी आता है वो अपने साथ झाड़ू लाता है। अगर वो शिवलिंग पर झाड़ू चढ़ा दे तो उसे सभी रोगों से छुटकारा मिल सकता है इसलिए यहां आम दिनों में भी मंदिर श्रद्धालुओं से भरा रहता है। यहां के लोगों का मानना है कि सदियों पहले यहां एक भिखारीदास व्यापारी रहता था, जो बहुत धनवान था लेकिन चर्म रोग से पीड़ित था। एक बार व्यापारी अपना उपचार करवाने के लिए किसी वैद्य के पास जा रहा था। तभी अचानक उसे बहुत तेज प्यास लगी। उसे एक आश्रम दिखाई दिया। पानी पीने की इच्छा से वो उस आश्रम के अंदर चला गया। लेकिन अंदर जाते हुए भिखारीदास आश्रम में रखे एक झाड़ू से टकरा गया। इस मंदिर में झाड़ू के स्पर्श से ही उसे अपने सभी रोगों से मुक्ति मिल गई। उसके बाद व्यापारी की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा और उस व्यापारी ने आश्रम में रहनेवाले संत को हीरे-जवाहरात देने को कहा लेकिन वहां के संत ने व्यापारी से शिव मंदिर बनवाने को कहा और व्यपारी ने ऐसा ही किया। उसी के बाद से मंदिर में झाड़ू चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।