" /> रोजाना बेस्ट में सवार हो रहे १० लाख मुंबईकर!

रोजाना बेस्ट में सवार हो रहे १० लाख मुंबईकर!

लॉकडाउन के दौरान कई चीजों की असली परीक्षा हुई, उनमें से एक मुंबई की बेस्ट बसें भी हैं। वैसे मॉनसून के समय जब लोकल पर ब्रेक लगता है, तब भी बेस्ट ही सेवा में जुटी रहती है। कोरोना संक्रमण के कारण जहां सामान्य मुंबईकरों के लिए लोकल बंद हैं, वहीं बेस्ट अब रोजाना दस लाख यात्रियों को सेवा दे रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या देखकर बेस्ट ने रोजाना चलनेवाली बसों की संख्या भी बढ़ा दी।
लोकल से कई गुना आगे
मुंबई लोकल में फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को अनुमति दी गई है। १५ जून से शुरू हुई इन सेवाओं में पिछले एक महीने में मुश्किल से दस लाख यात्रियों ने सफर किया है, जिस मुंबई लोकल में रोजाना ७८-८० लाख यात्री सफर करते थे, वहां अब प्रतिदिन यात्रियों की संख्या सिमटकर ५ प्रतिशत के करीब रह गई है। पश्चिम रेलवे ने बताया कि १४ जुलाई को उनकी ३५० सेवाओं में करीब १.५ लाख लोगों ने यात्रा की थी। वैसे १५ जून से १४ जुलाई तक पश्चिम रेलवे पर करीब २६ लाख यात्री सफर कर चुके हैं। कुछ ऐसा ही हाल मध्य रेलवे का भी है। यानी एक महीने में मुंबई लोकल में तकरीबन ५२ लाख यात्रियों ने सफर किया, जो सामान्य दिनों के एकदिन के बराबर भी नहीं है।
बेस्ट ने बढ़ाई सर्विस
बेस्ट ने बुधवार को ३,१६९ बसें चलाईं हैं। ये आंकड़ा लॉकडाउन में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मंगलवार को यात्रियों की संख्या १०.१६ लाख पहुंच गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि लोकल ट्रेनें बंद रहने की बजाय ऑटो-टैक्सी नहीं चलने का ज्यादा फायदा मिल रहा है। अभी अनलॉक की प्रक्रिया शुरू है। मार्वेâट में ग्राहक नहीं हैं। दुकानें ईवन-ऑड की तर्ज पर खुल रही हैं। कई सेक्टर अब भी बंद हैं, सामान्य लोगों के लिए अभी भी आवाजाही पहले की तरह नहीं है, बावजूद इसके रोजाना यात्रियों की संख्या १० लाख के पार पहुंचना अच्छे संकेत हैं। सामान्य स्थितियों में बेस्ट रोजाना करीब ३,३०० बसें चलाकर, ३२ लाख के करीब यात्रियों को ढोती थीं।
८० प्रतिशत कर्मचारी ठीक हुए
लॉकडाउन के दौरान बेस्ट उपक्रम के कर्मचारियों का लगातार संक्रमित होना, चिंता का सबब बन गया था। पिछले १०० दिनों से बेस्ट की बसें लगातार दौड़ रही हैं। विशेष तौर पर अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े कोरोना योद्धाओं और प्रदेश लौटनेवाले प्रवासी मजदूरों को सेवा देकर बेस्ट ने खुद को बेस्ट साबित किया था लेकिन इस दौरान परिचालन विभाग के कर्मचारी लगातार संक्रमित हो रहे थे। यूनियन की ओर से इनके लिए अलग से अस्पताल या वॉर्ड आरक्षित करने की मांग उठी थी। खैर, अब बेस्ट उपक्रम उस चिंताजनक स्थिति से बाहर निकल चुका है। अब तक इनके करीब ७०० स्टाफ संक्रमित हुए थे, इसमें से ५६० ठीक हो चुके हैं। बेस्ट के एक अधिकारी ने बताया कि धीरे-धीरे क्वॉरंटीन हुआ स्टाफ भी काम पर लौटने लगा है।