रोहिंग्या का ‘वीजा’ फिल्मी है -बॉलीवुड के ‘सिलेबस’ से मिली शरण

शौक इंसान को कभी-कभी मेहनत करके उसे हासिल करने के लिए प्रेरित करता है तो कभी-कभी बर्बाद भी कर देता है। म्यांमार के रोंहिंग्या मुसलमान बदहाली, उत्पीड़न की मार झेल रहे हैं लेकिन उनके एक शौक ने उन्हें शरणार्थी के तमगे से उबार कर हिंदुस्थानी बना दिया। ये शौक है हिंदी फिल्मों का। वे हिंदी फिल्में काफी चाव से देखते हैं। हिंदुस्थान के विभिन्न इलाकों में ये रोहिंग्या घुसपैठ कर चुके हैं और अक्सर इनके खिलाफ असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें भी मिलती रहती हैं। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ की जा रही सेना की कार्रवाइयों के बाद वहां से उनके पलायन का दौर शुरू हुआ, जिनमें से बड़ी संख्या में रोंहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश गए तो काफी संख्या में उन्होंने हिंदुस्थान में भी घुसपैठ की। लेकिन हिंदुस्थान में घुसने के साथ ही रोंहिंग्या मुसलमानों ने शरणार्थी शिविरों से कुछ दिनों बाद किनारा करना शुरू कर दिया और वे महानगरों की तरफ बढ़ गए, जहां फर्राटे से हिंदी बोलनेवाले रोहिंग्या आम हिंदुस्थानी में घुलमिल गए। लेकिन जब कुछ रोहिंग्या मुसलमानों को पकड़ा गया और जांच की गई तो पता चला कि वे हिंदी फिल्मों के दीवाने हैं और इसी फिल्मी दीवानगी ने उन्हें हिंदी भाषा की सौगात दे दी। नतीजतन म्यांमार के रखाइन प्रांत में रहनेवाले इन रोंहिंग्या मुसलमानों को हिंदुस्थान में इस बॉलीवुड ‘सिलेबस’ के कारण शरण मिल गई। जिसके कारण आज शहरों की झुग्गियों में रहनेवाले कई ऐसे रोंहिंग्या हैं जो बंगाली बनकर शरण लिए हुए हैं और हिंदी बोलने के कारण पकड़ में नहीं आ पा रहे हैं लेकिन हिंदुस्थान में रहने का उनका यह ‘वीजा’ फिल्मी ही है।
आमिर-शाहरुख के दीवाने हैं रोहिंग्या
म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमान असामाजिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं, जिसके कारण वहां सेना उनके खिलाफ कार्रवाई करती रहती है। सेना के भय से म्यांमार से भागे लगभग ८ लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश और हिंदुस्थान में अपना डेरा जमाए हुए हैं। बॉलीवुड फिल्में देख-देखकर उन्होंने टूटी-पूâटी हिंदी सीखी और हिंदुस्थान में आकर उसी हिंदी के दम पर नौकरी, रोटी, कपड़ा और सुरक्षा भी हासिल कर ली है। ये रोहिंग्या बॉलीवुड फिल्मों के दो स्टार आमिर खान और शाहरुख खान के दीवाने हैं और उनकी फिल्में काफी चाव से देखते हैं।
‘यूनाइटेड नेशन्स हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजी’ की मानें तो हिंदुस्थान में वर्तमान में २१,५०० रोहिंग्या रह रहे हैं। सुहैल खान (२१) नामक एक रोहिंग्या बताता है कि वह काफी समय से हिंदी फिल्में देख रहा है। उसने कहा ‘मुझे शाहरुख खान और आमिर खान की फिल्में ज्यादा पसंद आती हैं। मैंने उनकी लगभग सारी फिल्में देखी हैं। मुझे याद है, कभी म्यांमार के थिएटर में हम कॉफी, केक और पराठा के साथ फिल्म देखते थे। २०१२ में जब हमने म्यांमार छोड़ा तब वहां टिकट का दाम २०० क्यात था, अब शायद ५०० क्यात तक पहुंच गया होगा। ऐसे कई रोहिंग्याओं ने बताया कि किस तरह उन्हें बॉलीवुड फिल्में देखने का फायदा हुआ और उससे मिले हिंदी के पाठ से आज वो हिंदुस्थान में अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। हालांकि रोहिंग्याओं की देश में बढ़ रही संख्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी वेंâद्र सरकार से मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। ४ सप्ताह के भीतर वेंâद्र सरकार को यह रिपोर्ट अदालत को सौंपनी है।