" /> लखनऊ से अयोध्या केसरिया ही केसरिया, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज करेंगे रामलला के दर्शन

लखनऊ से अयोध्या केसरिया ही केसरिया, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज करेंगे रामलला के दर्शन

जय श्रीराम! अयोध्या में जल्लोष!! पहुंचे हजारों शिवसैनिक!!!

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज सपरिवार श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान भगवान रामलला का दर्शन करेंगे। वे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरेंगे और वहां से सड़क मार्ग से अयोध्या जाएंगे। उनके स्वागत में लखनऊ से लेकर अयोध्या तक का मार्ग पूरी तरह केसरिया ही केसरिया नजर आ रहा है। पूरा मार्ग भगवा होर्डिंग्स से पट गया है।
अयोध्या में हजारों शिवसैनिक पहुंच चुके हैं और जय श्रीराम के नारों के साथ पूरी अयोध्या जल्लोष में डूबी हुई है। महाराष्ट्र में महाराष्ट्र विकास आघाड़ी की सरकार बनने के बाद शिवसेना ने कहा था कि सरकार के १०० दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री अयोध्या जाकर भगवान रामलला का दर्शन करेंगे। वचनपूर्ति को लेकर इसके पहले भी जब उद्धव ठाकरे ने ‘पहले मंदिर फिर सरकार’ का नारा देकर २४ नवंबर २०१८ को अपनी पहली अयोध्या यात्रा की थी तब उन्होंने कहा था कि हम फिर अयोध्या आएंगे। उसके बाद हुए लोकसभा चुनाव के बाद वे अपने सभी सांसदों के साथ ६ जून २०१९ को अयोध्या आए और भगवान रामलला के दर्शन किए थे।

महाराष्ट्र में सरकार के १०० दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आज अयोध्या में आगमन हो रहा है। यहां वे रामलला के दर्शन करेंगे। शहर में हजारों शिवसैनिक पहुंच चुके हैं और रामनगरी में भगवोत्सव का नजारा है। शिवसैनिकों के लगाए ‘जय श्रीराम’ के नारों से रामनगरी अयोध्या गूंज रही है।
आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपनी पत्नी सौ. रश्मि ठाकरे, पुत्र व महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के साथ रामलला के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ उनके ४० विधायक, २० सांसद भी रामलला के दरबार में कल हाजिरी लगाएंगे। उद्धव ठाकरे कल सुबह ९ बजे मुंबई से स्टेट प्लेन से लखनऊ के लिए निकलेंगे। ११ बजे वे लखनऊ एयरपोर्ट पहुचेंगे। वहां से वे सड़क मार्ग से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। दोपहर १.३५ बजे सीएम का काफिला अयोध्या के होटल में पहुंचेगा। वहां ३.३० बजे वे प्रेस से वार्ता करेंगे। उसके बाद उद्धव ठाकरे अपनी सरकार के विधायकों, मंत्री व सांसदों के साथ रामलला के दर्शन के लिए निकलेंगे। जहां वह ४.३० बजे रामलला के दर्शन करेंगे। उसके बाद वे कुछ लोगों से मुलाकात भी करेंगे। फिर उद्धव ठाकरे ५.३० मिनट पर सड़क मार्ग से लखनऊ जाएंगे, जहां वे ८ बजे रात्रि में स्टेट प्लेन से वापस मुंबई चले जाएंगे। सीएम उद्धव ठाकरे के आने से पहले उनके मंत्री और विधायक अयोध्या पहुंच गए हैं।
उद्धव ठाकरे के इस कार्यक्रम में कोरोना वायरस का असर भी देखने को मिला है। कोरोना वायरस को लेकर हेल्थ मिनिस्ट्री ने एडवाइजरी जारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की बात कही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस तरह की सलाह दी है। इसलिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कार्यक्रम में थोड़ी तब्दीली की गई है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंचने के बाद रामलला का दर्शन करेंगे। वे सरयू आरती में शामिल नहीं होंगे। उससे पहले उद्धव ठाकरे के दो प्रमुख कार्यक्रम थे, जिसमें रामलला के दर्शन के साथ सरयू आरती में शामिल होना था।
शिवसैनिकों के साथ रामनगरी पहुंची स्पेशल ट्रेन
कल शाम मुंबई से शिवसैनिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन रामनगरी पहुंची। २१ बोगियोंवाली इस ट्रेन से २,००० शिवसैनिक अयोध्या पहुंचे। शिवसैनिकों से भरी यह स्पेशल ट्रेन पैâजाबाद की जगह अयोध्या जंक्शन पर रुकी। शिवसैनिकों द्वारा लगाए गए ‘जय श्री राम’ के जयकारों से अयोध्या गूंज उठी। सुरक्षा-व्यवस्था के तहत ५ पुलिस थाने की पुलिस समेत पीएसी बल तैनात है। डीएसपी और एएसपी के साथ डीएम और एसएसपी सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान अयोध्या हर-हर महादेव व जय श्री राम के नारों से गूंज उठा।
‘मंदिर निर्माण राष्ट्रीय कार्य’
शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि इसे धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय कार्य मानकर अयोध्या आएं और रामलला के दर्शन करें, साथ ही राम मंदिर के निर्माण में योगदान दें। संजय राऊत ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी आस्थावान व श्रद्धालु प्रवृति के हैं। मेरा तो कहना है कि एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी को अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करना चाहिए। यही नहीं, आंध्र के युवा मुख्यमंत्री और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करने चाहिए। महाराष्ट्र में गठबंधन की सरकार पूरे पांच वर्ष चलेगी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मानें तो आगामी १५ वर्षों तक ऐसा ही रहेगा।