" /> लटकती १५ डिब्बा स्लो लोकल, जनवरी २०२० में होना था काम

लटकती १५ डिब्बा स्लो लोकल, जनवरी २०२० में होना था काम

पश्चिम रेलवे पर १५ डिब्बों की स्लो लोकल चलाने की योजना लेट होती दिख रही है। अंधेरी से विरार के बीच स्लो कोरिडोर पर १५ डिब्बों की धीमी लोकल चलाने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाई जानी है। यह काम जनवरी २०२० तक होना था लेकिन अब तक नहीं हो पाया है। अंधेरी से विरार के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद रेलवे ने स्लो कोरिडोर पर भी १५ डिब्बों की लोकल चलाने की योजना बनाई थी। अभी पश्चिम रेलवे के फास्ट कोरिडोर पर रोजाना १५ डिब्बे लोकल की ५४ सेवाएं चलती हैं।
जानकारी के अनुसार १२ डिब्बों की एक लोकल में अनुमानित ३ हजार यात्री समा सकते हैं लेकिन शाम और सुबह भीड़ के वक्त १२ डिब्बों की एक लोकल में ४-५ हजार यात्री सफर करते हैं। १५ डिब्बों की लोकल में यह संख्या ६ से ६.५ हजार तक बढ़ सकती है, जिससे अन्य ट्रेनों में भीड़ कम होगी। इस परियोजना के लिए ५९.५ करोड़ रुपए मंजूर हुए थे जबकि इस बार के बजट में १२ करोड़ रुपए मिले हैं।
जानलेवा भीड़
बीते कुछ सालों में पश्चिम रेलवे पर दक्षिण मुंबई में रहनेवाले अधिकांश लोग उपनगरों में खासतौर पर अंधेरी से विरार के बीच पलायन कर चुके हैं। इससे विरार, बोरीवली, मीरा रोड, भाइंदर और अंधेरी में भीड़ बढ़ी है। इसके साथ ही चलती ट्रेनों से यात्रियों के गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। अंधेरी से आगे विरार की ओर १५ डिब्बों की धीमी लोकल चलाने के लिए प्लेटफॉर्म की लंबाई के अलावा ओवरहेड वायर, सिग्नलिंग इत्यादि का ६० प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इस परियोजना में १४ स्टेशनों पर ३१ प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ानी है।