" /> लार वार जाने दो यार!

लार वार जाने दो यार!

ये होता है बेख़ौफ़ होना। गेंदबाज किसी भी स्थितियों का सामना करने वाला हो तो उसे एक लार वार से क्या करना। उसके लिए तो इस विवाद को ही जाने दो यार जैसा मामला है। अब देखिए न उमेश यादव को। उन्हें लार मामले से कोई टेंशन नहीं। दरअसल, आईसीसी ने कोविड-१९ के खतरे को देखते हुए गेंद पर लार के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। लार का इस्तेमाल गेंद को चमकाने के लिए किया जाता है और इस बैन का सबसे ज्यादा असर तेज गेंदबाजों पर पड़ेगा क्योंकि एक चमकती हुई गेंद अक्सर ज्यादा स्विंग होती है। लेकिन पेसर उमेश यादव स्लाइवा बैन के बावजूद बेफिक्र हैं और ऐसा मानते हैं कि क्रिकेट के दोबारा शुरू होने के बाद इस समस्या का कोई न कोई हल निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा, `चूंकि सफेद गेंद कम स्विंग होती है, इसलिए टी-२० प्रारूप के लिए यह ठीक है। लेकिन मुख्य समस्या उस समय होगी जब हम टेस्ट मैच खेलेंगे. अगर हम लार का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं तो फिर गेंद को स्विंग कराने के लिए हमें नई तकनीकों के बारे में सोचना होगा। एक बार अभ्यास शुरू हो जाए तो हमें पता चल जाएगा कि इससे कैसे निपटना है। जब उमेश से यह प्रश्न पूछा गया कि क्या लॉकडाउन के बाद गेंदबाजों को अपनी लय हासिल करने में मुश्किल होगी, तो उन्होंने कहा कि पेसर्स को अपनी पुरानी फॉर्म पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।