लेटलतीफी ले डूबी! इसलिएअटका मोनो का दूसरा चरण

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने हाल ही में देश की पहली मोनो रेल का परिचालन करनेवाली निजी कंपनी से अनुबंध तोड़ दिया है। कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार न होना, साथ ही कई ऐसे काम जिनकी आपूर्ति समय पर नहीं होने से यह लेटलतीफी कंपनी को ले डूबी। कंपनी की इसी लेटलतीफी के चलते मोनो रेल के दूसरे चरण का परिचालन भी अभी तक लटका है।
बता  दें कि चेंबूर से वडाला तक देश की पहली मोनो रेल शुरू करने के लिए लॉर्सन एंड टुब्रो व स्कोमी इंजीनियरिंग की संयुक्त कंपनी एलटीएसई के साथ २००८ में करार किया गया था, लेकिन कंपनी समय-समय पर करार के प्रावधानों को पूरा नहीं कर पाई। कंपनी को कई बार समय देने के बाद भी जब सुधार नहीं हुआ तो एमएमआइडीए ने यह पैâसला किया। करार के तहत मोनो रेल की आपूर्ति, यातायात संचालन और प्रबंधन सहित कई स्तर पर करार के प्रावधानों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। कंपनी की कार्यप्रणाली सही न होने के कारण दूसरा चरण वडाला-सात रास्ता मोनो रेल का परिचालन शुरू होने में देरी हो रही है। क्योंकि करार के मुताबिक कंपनी को १५ रेक की आपूर्ति करनी थी परंतु स्कोमी कंपनी ने केवल १० रेक की ही आपूर्ति की थी। इनमें से केवल चार परिचालन में हैं।