" /> लैपटॉप ले लो! किराए से निकली कोरोना की काट

लैपटॉप ले लो! किराए से निकली कोरोना की काट

‘वर्क प्रâॉम होम’ वालों के लिए टेंपररी तौर पर उपलब्ध हो रहे कंप्यूटर
 वर्क प्रâॉम होम से बढ़ी लैपटॉप की मांग
 कर्मचारी किराए पर ला रहे हैं लैपटॉप
 दुकानदार वसूल रहे मनमाना किराया
कोरोना वायरस का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। महाराष्ट्र में ही सिर्फ कोरोना के मरीजों की संख्या ६४ हो गई है। कोरोना को नियंत्रित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सभी निजी कॉर्पोरेट कंपनियों को पूरी तरह से बंद करने और उनके कर्मचारियों को ‘वर्कप्रâॉम होम’ का दिशा-निर्देश जारी किया गया है। ऐसे में कंपनियां इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वर्कप्रâॉॅम होमवाले कर्मचारियों को टेंपरेरी तौर पर
लैपटॉप, कंप्यूटर, इंटरनेट आदि सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। अस्थायी रूप से कर्मचारियों को लैपटॉप मुहैया कराने के लिए कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक बाजारों से किराए पर लैपटॉप ले रही हैं। लैपटॉप की बढ़ती मांग के चलते बाजार में इसकी कमी भी देखी जा रही है। ऐसे में जिन दुकानदारों के पास मांग के अनुसार लैपटॉप उपलब्ध है, वे मनचाहा किराया भी वसूल रहे हैं।
बता दें कि कोरोना वायरस के बचाव के चलते कार्पोरेट कंपनियां पूरी तरह से बंद होकर ‘वर्कप्रâॉम होम’ कर रही हैं, वहीं सरकारी कार्यालयों में २५ प्रतिशत कर्मचारी की उपस्थिति के चलते कुछ अधिकारी घर से ही विभागों का काम कर रहे हैं। इसके चलते कर्मचारियों को वर्कप्रâॉम होम के लिए कंपनियां
लैपटॉप, कंप्यूटर, इंटरनेट आदि सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। ये सभी सुविधाएं कंपनियां किराए पर लेकर उपलब्ध करा रही हैं। आईटी प्रोडक्ट के विक्रेता आशीष बियानी ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते फरवरी महीने से ही इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के आयात व निर्यात पर बंदी लाद दी गई थी। तभी से ही लैपटॉप व अन्य
इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की कमी बाजार में देखी जा रही है। इसी कमी के बीच में
‘वर्कप्रâॉम होम’ काम करने के लिए लैपटॉप, कंप्यूटर की मांग बढ़ गई है। मांग अधिक और सप्लाई कम होने से बाजारों में लैपटॉप, कंप्यूटर का अभाव देखा जा सकता है। दुकानदार मांग अनुसार कंपनियों को लैपटॉप सप्लाई भी नहीं कर पा रहे हैं। आशीष की मानें तो जिन दुकानदारों के पास मांग अनुसार लैपटॉप है वे मनचाहा किराया कंपनी से वसूल रहे हैं। वर्तमान में दो से तीन हजार रुपए में किराए का लैपटॉप मिल रहा है। आशीष के अलावा सी प्रॉम्पट सॉल्युशन के बिप्लब मॉडल ने बताया कि उनके पास करीब ४०० लैपटॉप थे, जिसे वे अपने क्लाइंट को रेंट पर दे चुके हैं। नए क्लाइंट की मांग को वे पूरा नहीं कर पा रहे हैं एक लॉजिस्टिक कंपनी के अधिकारी ने बताया कि सेवाओं को जारी रखने के लिए ‘वर्कप्रâॉम होम’ के आदेशों का पालन करना पड़ रहा है इसलिए कर्मचारियों को घर पर किराए से लैपटॉप लेकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मांग बढ़ने से बाजार में लैपटॉप भी नहीं मिल रहे हैं।