" /> लॉक डाउन का उल्लंघन करनेवाले 14 हजार लोगों को किया गया गिरफ्तार : सिर्फ पांच हॉटस्पॉट

लॉक डाउन का उल्लंघन करनेवाले 14 हजार लोगों को किया गया गिरफ्तार : सिर्फ पांच हॉटस्पॉट

कोरोना वायरस के चलते केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन की घोषणा करने के बाद लॉक डाउन का उल्लंघन करनेवाले 14,000 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। राज्य में पहले 14 हॉटस्पॉट थे लेकिन अब उसमें गिरावट आई है और 5 हॉटस्पॉट बचे हैं।
देश में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में दिखा है। अब तक 5,000 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि हम आनेवाली किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। राज्य में करीब डेढ़ लाख से अधिक आइसोलेशन बेड हैं, रोजाना हम 7,000 से अधिक टेस्ट कर रहे हैं जो किसी भी राज्य से अधिक है।
राज्य की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि राज्य में अब हर सात दिन में केस डबल हो रहे हैं। हमारी कोशिश इस स्थिति को सुधारने की है। पहले राज्य में 14 हॉटस्पॉट थे, जो अब सिर्फ 5 ही रह गए हैं। इनमें मुंबई, मुबंई मेट्रोपोलिटन रीजन, नागपुर, पुणे और मालेगांव शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार अब टेस्टिंग के लिए फोटोबाथ सिस्टम लाया गया है, जो सेफ है। वहीं प्लाज्मा थेरेपी को भी उपयोग में लाया जा रहा है, जो लोग ठीक हो गए हैं उनसे कुछ ब्लड सैंपल लेकर बीमार लोगों के इलाज में मदद ले रहे हैं, जिसकी इजाजत ICMR से ली जा चुकी है।
क्वारनटीन को लेकर उन्होंने कहा कि अब धारावी जैसे क्षेत्रों में स्कूल और बड़े इंस्टीट्यूट को क्वारनटीन क्षेत्र में बदला जाएगा। वहीं, लॉकडाउन को लेकर कुछ इंडस्ट्रीज को छूट दी गई है। हालांकि कुछ जगह गाइडलाइन्स फॉलो नहीं की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने जानकारी दी कि लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने कोरोना से जुड़े कुल 63 हजार केस दर्ज किए हैं, जबकि 14 हजार लोगों को गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं 44 हजार से अधिक गाड़ी और बाइक को सीज किया गया है, ये सभी केस 22 मार्च से 21 अप्रैल के बीच दर्ज हुए हैं। महाराष्ट्र में अब तक 74 हजार से अधिक कॉल 100 नंबर पर आई हैं, 600 के करीब ऐसे लोग हैं जो क्वारनटीन में रहकर भागे थे, जिन्हें बाद में ट्रेस किया गया। राज्य में पुलिस द्वारा 2 करोड़ 41 लाख रुपए अब तक जुर्माना राशि से वसूल किए गए हैं।